खूबसूरत पैसेंजर
खूबसूरत पैसेंजर
दिलीप रोज रात की शिफ्ट में गाड़ी चलाता है, दिन में वो सुबह 9 बजे से पांच बजे तक एक ऑफिस में काम करता है और रात में भाड़े की टैक्सी चलता है।
आज वो शाम 7 बजे से गाड़ी लिए खड़ा है पर एक भी पैसेंजर नही मिला,रात 11 बजे थे वह मैरिन ड्राइव पर खड़ा था, उसे तो टेंशन इस बात का है की रोज़ उसे 300 रुपए गाड़ी का भाड़ा देना पड़ता है, वैसे तो अब तक वो 1000 रुपए का धंधा कम से कम कर ही लेता था, वह टेंशन में एक सिगरेट पीने लगा,तभी थोड़ी दूर उसे एक लड़की खड़ी दिखाई देती है तो वह गाड़ी स्टार्ट कर उसके पास ले जाता है,वह बहुत ही सुंदर और आकर्षक लड़की है,वह लड़की टैक्सी देखकर खुश होती है और उसके पास जाकर पूछते है,भईया मुझे कुछ काम है तो पूरी रात साथ रहना होगा, दिलीप उसके sunde चेहरे को देखने लगता है, सुंदर गुलाबी गाल, गुलाबी होठ,मोतियों जैसे सुंदर दात वह उसमे को जाता है,आखिर वह भी जवान था और अभी शादी भी नहीं हुई थी, इसलिए सुंदर लड़की तो देखना बनता है,प्रकृति ने सुंदरता बनाई ही इसीलिए है,। वह लड़की दिलीप बोले उस से पहले टैक्सी में बैठती हुई कहती है " तुम इसी तरह सभी लड़कियों को देखते हो,"? दिलीप हड़बड़ा कर कहता है" अरे नही नही पर आप है ही इतनी सुंदर की कोई भी देखे बिना रह ही नही सकता, वह उसके भोलेपन पर खिलखिला कर हंसने लगी, दिलीप उसकी इस अदा पर दीवाना हो जाता है,वह टैक्सी स्टार्ट कर पूछता है, " कहां चले, ! वह लड़की कहती है, " जहां तुम्हारा मन करे,ले चलो मुझे तो घूमना है पूरी रात,!
गाड़ी स्टार्ट कर वह आगे बढ़ता है,
थोड़ी दूर जाने पर वह लड़की कहती है" तुम्हारा नाम क्या है,? वह कहता है" दिलीप, दिलीप सिंह,"! वह कहती है " मैं पूनम, आज पूनम की रात है न इसीलिए घूमने निकली हुं,अरे मुझे भूख लगी है, कुछ खिलाओगे,"!! दिलीप पूछता है " कहां खाना है और क्या खायेंगे वेज या नॉन वेज,! वह कहती है" में तो प्योर वेज खाती हुं,"! तुम अपने हिसाब से किसी अच्छे रेस्टोरेंट में ले चलो,वैसे तो तुमने भी तो खाया नही है,"! दिलीप चौकता है,तो
वह कहती है," तुम्हारे चेहरे से लग रहा है,की तुम भूखे हो मेरे साथ तुम भी खा लेना।
आगे पुलिस वाले नाका बंदी लगा रखे हुए हैं,क्योंकि अभी एक साल पहले ही,तो बॉम्ब ब्लास्ट हुआ था और आज फिर थ्रेट आई थी बॉम्ब ब्लास्ट की, इसीलिए आने जाने वाली सभी गाड़ियों की चेकिंग हो रही थी, एक हवलदार और एस आई उसकी टैक्सी के पास आकर टॉर्च मारता है हवलदार पीछे टॉर्च मारता है, एस आई पूछता है, " कहां जा रहा है,! वह कहता है खाना खाने। एक बार टॉर्च मारता है,और कहता है" खाली गाड़ी है जाने दो,! दिलीप पीछे मुड़कर देखता है तो उसे लड़की बैठी मोबाइल पर बिजी दिखती है, वह बड़बड़ाता है," साले पी कर चेकिंग करते हैं,इतनी सुंदर लड़की नहीं देखी,!
वह गाड़ी एक रेस्टोरेंट के सामने खड़ी करता है,और उतरकर पूनम से कहता है," मैडम आइए,! वह रेस्टोरेंट देख कहती है जाने दो मेरे पास पैसे नहीं हैं लगता है पर्स जल्दी बाज़ी में ऑफिस भूल आई,घर चलो वहां तुम्हे भाड़ा भी दे दूंगी,"! दिलीप को आज ही सैलरी मिली थी तो जेब में पैसे थे,वह लड़की के सामने अपनी वेल्यू बनाने के लिए कहता है," कोई बात नहीं,मेरे पास पैसे हैं,आप क्या खाएंगी,चलिए। वो उसको मुस्कराकर देखती है और कहती है," तुम्हे जो पसंद हो,वो खिला दो, पर मैं तो यहीं खाऊंगी,पार्सल ले लो,गाड़ी किसी अच्छी जगह रोक कर खायेंगे,!दिलीप अंदर जाता है,वह उसे जाते देखती है फिर मोबाइल पर बिजी हो जाती है,।
गाड़ी वर्ली सी फेस पर रुकती है,पूनम गाड़ी से उतरकर दिलीप से कहती है," हम लोग समुंद्र के सामने पूनम के चांद की रोशनी में खाना खायेंगे,"! दिलीप लड़कियां जो अक्सर खाती हैं वही ले आया था, क्योंकि वह अक्सर लड़कियों को होटल्स वगेरह में छोड़ता रहता था और उनके पार्सल भी लाया करता था,, इसलिए उनकी पसंद का आइडिया था,और सबसे अच्छी बात यह रही कि सभी पूनम का फेवरेट था, वह चहक चहक कर खा रही थी,और दिलीप को भी खिला रही थी, दिलीप के लिए तो ये स्वर्ग में किसी परी के साथ समय गुजारने जैसा था।
पूरी रात अलग अलग जगह पर घूमने के बाद वह कहती है," मुझे सायन में किसी से मिलना है, वहां चलो,! दिलीप थोड़ी देर में उसके बताई जगह पर पहुंचता है वह उतरकर कहती है," में थोड़ी देर में आऊंगी,अगर देर होने लगे तो सेकंड फ्लोर पर 201 नंबर फ़्लैट में आ जाना। वह जाती है,उसकी खुशबू पूरे टैक्सी में बस गई थी,।
एक घंटा हो जाने पर दिलीप को टेंशन होने लगी,कई बार ऐसे पैसेंजर गायब भी हो जाते हैं,उसके साथ ऐसा नहीं हुआ पर बहुतों के किस्से सुने थे,वह टैक्सी से उतरकर लॉक करता है,और बिल्डिंग के गेट पर जाता है तो वॉचमैन के पूछने पर कहता है" अभी वो एक सुंदर सी लड़की यहां से गई उसके पास जाना है,मेरा किराया लेना है, "! वॉचमैन कहता है " यहां सभी सुंदर हैं पर पिछले चार घंटे से कोई नहीं गया," दिलीप चौकता है फिर उसे लगता है ये सब सो रहे होंगे तभी वो निकल गई होगी क्योंकि वह भी वॉचमैन का काम कर चुका था,वह कहता है उसे रूम नंबर 201 पर जाना हैं"! वॉचमैन उसे देखता है और साथ लेकर जाता है,201 का बेल बजाता है, थोड़ी देर में एक बुजुर्ग दंपति दरवाजा खोलते हैं, वॉचमैन कहता है" साहब ये कह रहा है आपके यहां कोई लड़की आई है उसने इनका किराया नहीं दिया है,"! दोनो दंपति एक दूसरे को देखते हैं,फिर दिलीप से कहते हैं," बेटा अंदर आओ,! दिलीप अंदर जाता है,वॉचमैन वापस जाता है।
अंदर हॉल के बीचों बीच एक तस्वीर दिखाई देती है जिसे देख दिलीप चौक उठता है, वह आश्चर्य से फोटो देखता है,वह बड़बड़ाता है," यही थी यही पूनम हां यही नाम बताया था इसने,पूरी रात मेरी गाड़ी में घूमती रही सारा पैसा भी मेरा खर्च कराया,कहां है बुलाए उसे,"! बुजुर्ग महिला कहती है" बेटा काश हम उसे बुला सकते, मैरिन ड्राइव पर एक एक्सीडेंट में इसकी मौत हो गई, आज चार साल हो गए,और ये हर पूनम की रात यहां आती है और उसी तरह टैक्सी में ही,तुम्हारा 5000 खर्च हुआ होगा,"! दिलीप हक्का बक्का रह गया,उसके तो दिमाग की बत्ती गुल हो गई, वह सोचने लगता है कि वह पूरी रात भूत के साथ घूम रहा था, उसे याद आया कि वो एस आई कह रहा था खाली गाड़ी है, इसीलिए उनको नही दिखाई दी, लड़की के पिता 6 हजार रुपए लाकर देता है और कहता है" बेटा उस से डरने की जरूरत नहीं है, वो बहुत अच्छी है, पूनम की रात को ही एक्सीडेंट हुआ था," ! उनकी आंखों में आसूं आते हैं, दिलीप पैसे नहीं लेना चाहता है पर वो जबरन देते हैं,और कहते हैं ",जब भी मिले उसको घुमाना जो भी पैसे लगे यहां आकर ले लेना डरना नहीं।
दिलीप की आंखों में भी आंसू निकलते हैं, वह चुप चाप टैक्सी स्टार्ट करता है और आगे बढ़ता है तभी उसे पूनम की वही खुशबू आती है वह बैक मिरर में देखता है तो वह कहती है " मैं आईने में नही दिखूंगी,पीछे मुड़कर देखो,दिलीप ब्रेक मारता है, और पीछे देखता है वह आराम से बैठी मुस्करा रही थी, दिलीप की धड़कन बढ़ती है तभी उसके पिता के शब्द याद आते हैं कि उस से डरना मत,वह कहता है, " कहां छोड़ूं, "! वह मुस्कराकर कहती है," जहां से लाए वहीं,दिलीप अपनी गाड़ी की स्पीड बढ़ाता है, अब उसे डर नही लग रहा था, वह उस से अगले साल फिर इसी दिन मिलने का वादा करके जाती है,उसके बाद कभी उसे। पैसेंजर की कमी नहीं हुई, और वह भी आज तक हर पूनम की रात उसे घूमता है और कई बार तो अपने घर से खाना भी बना कर भी लता है,।
यह कहानी उसी टैक्सी ड्राइवर ने सुनाई थी सिर्फ नाम बदल दिया गया है।

