खौफनाक दरवाज़ा
खौफनाक दरवाज़ा
शहर के शोर-शराबे से दूर, आर्यन ने एक बहुत पुरानी इमारत में सस्ता सा कमरा किराए पर लिया था। घर के बूढ़े मालिक ने चाबी देते वक़्त अजीब सी नज़रों से उसे देखा और सिर्फ एक बात कही, "बेटा, कमरे की पश्चिम वाली दीवार एकदम खाली है। उस पर कभी कोई कील मत ठोकना। और हाँ... रात को नींद गहरी लेना।" आर्यन ने मुस्कुराकर चाबी ले ली। वह इन भूत-प्रेत की बातों पर यकीन नहीं करता था। दिन भर की थकान के बाद वह गहरी नींद सो गया। लेकिन पहली ही रात, जैसे-जैसे अंधेरा गहराता गया, कमरे का माहौल बदलने लगा। हवा बर्फ़ जैसी ठंडी हो गई। अचानक आर्यन की आँख खुली। उसने फोन में समय देखा—ठीक रात के 3 बज रहे थे। कमरे में एक हल्की सी नीली रोशनी फैली हुई थी। आर्यन की नज़र पश्चिम वाली खाली दीवार पर गई और उसकी सांसें वहीं अटक गईं। जो दीवार दिन में एकदम सपाट थी, उस पर अब एक बहुत पुराना, नक्काशीदार लोहे का दरवाज़ा उभर आया था। उस दरवाज़े के हैंडल से वही नीली रोशनी निकल रही थी। आर्यन का दिमाग कह रहा था कि भाग जाए, लेकिन एक अजीब सी कशिश उसे उस दरवाज़े की तरफ खींच रही थी। जैसे ही उसने कांपते हाथों से उस ठंडे हैंडल को छुआ, दरवाज़ा एक झटके से खुल गया। अंदर सिर्फ घुप्प अंधेरा था। इससे पहले कि आर्यन पीछे हट पाता, एक अदृश्य ताकत ने उसे अंदर खींच लिया और दरवाज़ा ज़ोर से बंद हो गया। आर्यन एक झटके से खुरदरी ज़मीन पर आ गिरा। उसने आँखें खोलीं तो उसके होश उड़ गए। आसमान नीला नहीं, खून की तरह लाल था। दूर-दूर तक राख की ज़मीन थी और चारों तरफ खौफनाक काले साये मंडरा रहे थे। उन सायों की कोई शक्ल नहीं थी, बस उनके अंदर से दर्दनाक चीखें आ रही थीं। तभी एक बड़ा सा साया आर्यन की तरफ झपटा। आर्यन ने डर से आँखें बंद कर लीं। खचाक! एक तेज़ नीली रोशनी चमकी। आर्यन ने आँखें खोलीं तो देखा कि एक लड़की ने अपनी चमकती हुई जादुई तलवार से उस साये को चीर दिया था। साया धुएं की तरह गायब हो गया। आर्यन उसे देखकर हैरान रह गया। "रिया... तुम?" यह वही रिया थी जो उसके कॉलेज में पढ़ती थी, लेकिन उसका रूप बिल्कुल अलग था। उसने चमड़े के बख्तरबंद (armor) पहने थे और उसकी आँखों में डर नहीं, आग थी। "तुम यहाँ कैसे आ गए आर्यन?" रिया ने सख्त आवाज़ में पूछा, "यह 'सायों की दुनिया' है। यहाँ डरने वालों की मौत तय है। मैं दो साल पहले ऐसे ही एक दरवाज़े से यहाँ गिर गई थी। यहाँ समय बहुत धीरे चलता है। तब से मैं बाहर निकलने का रास्ता ढूंढ रही हूँ।" आर्यन का शरीर अभी भी कांप रहा था। "तो... तो हम बाहर कैसे जाएंगे?" रिया ने दूर एक काले पहाड़ की तरफ इशारा किया। "उस पहाड़ की चोटी पर एक 'काला पत्थर' है जो इस दुनिया को चलाता है। अगर हम उसे तोड़ दें, तो दरवाज़ा हमेशा के लिए खुल जाएगा और हम अपनी दुनिया में वापस चले जाएंगे। लेकिन उसे तोड़ने के लिए हमें 'सायों के राजा' को पार करना होगा।" आर्यन ने एक गहरी सांस ली। वह बहुत डरा हुआ था, लेकिन रिया को इस खौफनाक जगह पर अकेला नहीं छोड़ सकता था। रिया ने अपनी बेल्ट से एक जादुई खंजर निकाला और आर्यन को दे दिया। "इसे कस के पकड़ना। ये साये हमारे डर को सूंघ लेते हैं। डरना मत।" दोनों उस काले पहाड़ की तरफ दौड़े। रास्ते में सैकड़ों साये उन पर झपटे। रिया अपनी तलवार से उन्हें काटती जा रही थी और आर्यन, जिसने ज़िंदगी में कभी किसी से लड़ाई नहीं की थी, आज रिया को बचाने के लिए खंजर चला रहा था। जैसे-तैसे वो पहाड़ की चोटी पर पहुँचे। वहां एक विशालकाय काला पत्थर हवा में तैर रहा था। लेकिन तभी ज़मीन कांपने लगी। एक दस फुट लंबा और भयानक साया उनके सामने खड़ा हो गया—सायों का राजा। रिया ने छलांग लगाकर उस पर तलवार से वार किया, लेकिन उस साये ने रिया को एक ज़ोरदार धक्का मारा। रिया दूर जाकर गिरी और उसकी तलवार छूट गई। साया रिया को मारने के लिए आगे बढ़ा। आर्यन का दिल धक-धक कर रहा था। उसके पास सोचने का समय नहीं था। वह अपनी जान की परवाह किए बिना उस साये और रिया के बीच में आ खड़ा हुआ। साये ने अपना खौफनाक हाथ आर्यन की तरफ बढ़ाया, लेकिन आर्यन झुका, और पूरी ताकत से अपना जादुई खंजर उस तैरते हुए 'काले पत्थर' में घोंप दिया! एक कान फोड़ देने वाला धमाका हुआ! लाल आसमान फटने लगा। काले साये चीखते हुए राख में बदलने लगे। पूरी दुनिया ऐसे ढहने लगी जैसे कोई कांच टूट रहा हो। एक भंवर उठा और उसने आर्यन और रिया को अपने अंदर खींच लिया। धड़ाम! आर्यन की आँख खुली। सूरज की तेज़ रोशनी उसकी आँखों पर पड़ रही थी। वह अपने कमरे के फर्श पर पड़ा था। उसने हांफते हुए चारों तरफ देखा। सब कुछ सामान्य था। पश्चिम वाली दीवार एकदम खाली थी। "क्या वो सब एक सपना था?" आर्यन ने खुद से पूछा। उसका पूरा शरीर दर्द कर रहा था। तभी उसके कमरे के दरवाज़े पर दस्तक हुई। आर्यन ने धीरे से उठकर दरवाज़ा खोला। सामने रिया खड़ी थी—सामान्य कपड़ों में, हाथ में कॉलेज की किताबें लिए। आर्यन कुछ बोल नहीं पाया। रिया ने एक पल उसे देखा, फिर उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक आई। उसने धीरे से आर्यन के हाथ पर अपना हाथ रखा और मुस्कुराते हुए फुसफुसाई, "मुझे उस खौफनाक दुनिया से बाहर निकालने के लिए... शुक्रिया, आर्यन।" रिया वहां से चली गई, और आर्यन बस खाली दीवार और अपने हाथ को अचरज से देखता रह गया। कुछ दरवाज़े बंद होकर भी हमेशा के लिए खुल जाते हैं। आज का संदेश: कभी-कभी हमारा सबसे बड़ा डर ही हमारी सबसे बड़ी ताकत बन जाता है। जब बात किसी अपने को बचाने की हो, तो इंसान के अंदर वो हिम्मत भी आ जाती है, जिसके बारे में उसे खुद पता नहीं होता। असली जादू हथियारों में नहीं, हमारे इरादों में होता है।
