डिजिटल गौरी और लकी का 'हाई-स्पीड' रायता
डिजिटल गौरी और लकी का 'हाई-स्पीड' रायता
पंजाब के खेतों में सुबह की सुनहरी धूप फैली थी और ताजी हवा में मिट्टी की सोंधी खुशबू घुली हुई थी। आर्यन और रिया अपने घर के बरामदे में बैठकर चाय का लुत्फ ले रहे थे, तभी लकी किसी वैज्ञानिक की तरह अपनी आँखों पर काला चश्मा चढ़ाए और हाथ में एक पुरानी, चमकती हुई स्मार्ट वॉच लिए वहां पहुँचा। उसके पीछे-पीछे बबलू अपनी प्यारी और गोल-मटोल भैंस 'गौरी' को लेकर आ रहा था। बबलू के चेहरे पर अपनी भैंस के लिए वो मासूम प्यार था, जो एक माँ का अपने बच्चे के लिए होता है। "आर्यन भाई! आज इतिहास रचा जाएगा!" लकी ने चिल्लाकर शांति भंग कर दी। "ये देखो, ये है 'डिजिटल रेवोल्यूशन'। मैंने इस घड़ी में एक ऐसा जीपीएस (GPS) सेट किया है कि अगर मैं इसे गौरी की पूंछ पर बांध दूँ, तो बबलू को कभी अपनी भैंस खोने का डर नहीं रहेगा। इसे कहते हैं—स्मार्ट डेयरी फार्मिंग!" बबलू ने घबराकर गौरी के गले में हाथ डाला, जैसे उसे डर हो कि लकी उसकी भैंस को रॉकेट बना देगा। "ओए लकी, मेरी गौरी सीधी-सादी है, उसे ये सब तामझाम पसंद नहीं। और पूंछ पर घड़ी? तू पागल हो गया है क्या?" तभी समीक्षा अपनी 'क्वांटम मैकेनिक्स' की भारी किताब सीने से लगाए वहां आई और चश्मा ठीक करते हुए बोली, "लकी, भैंस की पूंछ का एंगुलर मोमेंटम और जीपीएस के सिग्नल में कोई लॉजिक नहीं है। ये घड़ी गिर जाएगी और तुम्हारा डेटा क्रैश हो जाएगा।" "अरे समीक्षा जी, आप बस अपनी किताबों में डूबी रहिए, दुनिया बहुत आगे निकल गई है!" लकी ने हवा में हाथ लहराया और ज़बरदस्ती गौरी की पूंछ पर वो घड़ी एक चमकीले रिबन से बांध दी। दोपहर होते-होते अचानक सन्नाटा चीख में बदल गया। बबलू रोता हुआ आया, "लकी! ओ लकी! मेरी गौरी चोरी हो गई! खूंटा खाली पड़ा है!" बबलू की आवाज़ में अपनी जान से प्यारी भैंस को खोने का असली दर्द था, उसकी आँखों में आंसू थे। लकी ने घबराकर अपना फोन निकाला और स्क्रीन देखते ही उसके चेहरे का रंग सफेद पड़ गया। "भाई... ये क्या हो रहा है? जीपीएस दिखा रहा है कि गौरी इस वक्त नेशनल हाईवे पर 90 की स्पीड से भाग रही है!" "क्या? 90 की स्पीड?" आर्यन अपनी कुर्सी से उछल पड़ा। "भैंस है या बुलेट ट्रेन? लकी, तेरा दिमाग तो ठीक है?" रिया ने भी फटी आँखों से फोन देखा, "लकी, अगर ये सच है तो गौरी अब तक आधा पंजाब पार कर चुकी होगी!" बबलू दहाड़ें मारकर रोने लगा, "हाय रब्बा! मेरी गौरी को कोई चोर रेसिंग कार में डाल कर ले गया!" इमोशन और सस्पेंस का ऐसा खिचड़ा बना कि आर्यन ने तुरंत अपनी जीप निकाली। सब उसमें सवार हो गए। लकी फोन पर किसी कमेंट्री वाले के अंदाज़ में चिल्ला रहा था, "आगे मोड़ है... अब वो ओवरटेक कर रही है... भाई, गौरी तो आज हवा से बातें कर रही है! दिल्ली पहुँचने वाली है!" आर्यन ने जीप की रफ़्तार बढ़ा दी। सबके दिल धक-धक कर रहे थे। एक तरफ गौरी को खोने का गम था और दूसरी तरफ ये डर कि आखिर एक भैंस इतनी तेज़ कैसे भाग सकती है? करीब 15 किलोमीटर बाद, हाईवे पर उन्हें एक तेज़ रफ़्तार दूध वाला ट्रक दिखाई दिया। लकी का जीपीएस सीधा उस ट्रक के ऊपर 'ब्लिंक' कर रहा था। "वो रहा चोर!" बबलू चिल्लाया। आर्यन ने फिल्मी अंदाज़ में जीप ट्रक के आगे अड़ाई और उसे रुकवा दिया। बबलू लाठी लेकर ट्रक की तरफ भागा, "ओए डकैत! मेरी गौरी बाहर निकाल! मेरी मासूम भैंस को कहाँ छुपाया है?" दूध वाला बाहर निकला, "पाजी, क्या हो गया? मैं तो सिर्फ दूध की खाली टंकियां लेकर शहर जा रहा हूँ। इसमें कोई भैंस नहीं है!" सबने ट्रक के अंदर झांका, वहां सिर्फ खाली टंकियां थीं। तभी लकी की नज़र एक टंकी के ढक्कन में फंसी उसी स्मार्ट वॉच पर पड़ी, जो अभी भी '90 km/h' की स्पीड दिखा रही थी। दरअसल, गौरी ने तालाब के किनारे नहाते वक्त इतनी ज़ोर से पूंछ झटकी थी कि घड़ी उड़कर सीधे पास से गुज़रते हुए इस दूध वाले ट्रक के अंदर जा गिरी थी। सब सन्न रह गए। तभी रिया का फोन बजा। घर से पड़ोसी का फोन था— "बबलू भाई, आपकी गौरी यहाँ हमारे गन्ने के खेत में मज़े से दावत उड़ा रही है, उसे ले जाओ!" बबलू के चेहरे पर जो राहत आई, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उसने लकी की तरफ देखा और लकी धीरे से बोला, "वैसे... घड़ी का जीपीएस तो एकदम सटीक था ना?" आर्यन ने लकी को जीप से धक्का देते हुए कहा, "तू पैदल ही घर आ, तेरा जीपीएस चेक करना है कि तू कितनी स्पीड से भागता है!" पूरी सड़क ठहाकों से गूँज उठी, और लकी अपनी 'डिजिटल हार' लेकर वहीं खड़ा रह गया।
