ख़ामियाँ
ख़ामियाँ
मोहित की नई नई शादी हुई थी। मोहित के सहकर्मी उससे शादी की पार्टी मांग रहे थे। जब सब सहकर्मी उसके घर आए तो रिया किसी से घुलीमिली नहीं, बिल्कुल चुपचाप रही।
आख़िर मोहित के दोस्त राहुल ने मज़ाक में कह ही दिया,
"क्या बात है भाभीजी बिलकुल बोल नहीं रही हैं, गूंगी हैं क्या?
मोहित बोला, "हां, गूंगी है।"
सब हैरान...!! तब मोहित बोला,
"ख़ामियाँ तो सब में होती हैं। मुझे में भी हैं। बात होती है संतुलन बनाकर जीवन बिताने की। घर को अच्छे से संभालने की। वह रिया आराम से कर सकती है।"
