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Ira Johri

Inspirational

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Ira Johri

Inspirational

इंसान के चेहरे

इंसान के चेहरे

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होठों की कोर से टपकती पान की पीक और शालीनता की चादर ओढ़ी जीभ भी संस्थापक के मन के भावों को प्रकट होने से रोक नहीं पा रही थी। फिर भी ख़ुद को साबित करने की चाह और व्यस्त रखने की अभिलाषा के कारण नीला इन बातों को नज़रअन्दाज़ करके आज उस एन जी ओ मे ललित कला सिखाने के लिये हामी भर आई थी। कुछ जानकार अपनों ने उसे चेताया भी अरे कहाँ आप चलीं गयी। काजल की कोठरी मे जाने पर दाग लगने से कैसे ख़ुद को बचायेंगी।

वह हमारी उज्वल छवि पर दाग लगा नहीं सकतीस आप सब तो हमें जानते हैं यह कह कर वह नियम पूर्वक वहाँ जाने और लड़कियों को सिखाने लगी। समय गुज़रा अब उसे भी लगने लगा कि वाकई मे यहाँ गलत काम होता है, अच्छाई की आड़ लेकर संस्थापक सैक्स रैकेट चला रहे थे। तभी एक दिन अख़बार मे ख़बर आई कि अमुक शहर की अमुक महिला एन जी ओ मे सैक्स रैकेट चलाती पकड़ी गयी। ख़बर पढ़कर वह हिल गयी तभी माँ का चेतावनी भरा फोन आया कि इसी तरह जब तुम्हारा नाम आयेगा तब यह जगह छोड़ोगी। बस उसी वक्त उसने निर्णय ले लिया और वहाँ की नौकरी छोड़ दी। सोचने पर मजबूर हो गयी वाकई इंसान कितने चेहरे ले कर जीता है। वह तो अच्छाई के लिये गयी थी पर संस्थापक के दोहरे चेहरे के कारण उसे आज मनपसन्द कार्य छोड़ना पड़ा था। 

 पर जिन्दगी यहीं नहीं रुकती, वह नये आत्मविश्वास के साथ अपनी कला दूसरों को सिखाने के लिये ख़ुद का नया केन्द्र बनाने की राह पर निकल पड़ी जहाँ उसे किसी के दोहरे चेहरे को झेलना ना पड़े और आने वाली पीढ़ी को नयी राह दिखा सके।


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