ही उसका दोस्त बबलू बैठा मोबाइल चला रहा
ही उसका दोस्त बबलू बैठा मोबाइल चला रहा
है। पास ही उसका दोस्त बबलू बैठा मोबाइल चला रहा है। आर्यन: "देख भाई बबलू, दुनिया में चाहे कितनी भी टेंशन हो, पर जब मम्मी की आवाज़ को अनसुना करके बंदा चादर तान के सो जाए ना... तो कसम से ऐसा लगता है जैसे अपुन ही भगवान है! यही तो असली 'सुकून' है भाई!" बबलू (मुस्कुराते हुए): "बड़ी गहरी बात कह दी भाई, पर याद रखियो... इस आज़ादी की कीमत चुकानी पड़ती है।" तभी अचानक कमरे का दरवाज़ा 'धड़ाम' से खुलता है और मम्मी हाथ में बेलन और पैर में चप्पल लिए खड़ी होती हैं। मम्मी: "अरे ओ आज़ाद पंछी! ज़रा चादर से बाहर निकल और अपनी इस 'जन्नत' के दर्शन कर! दो घंटे से चिल्ला रही हूँ कि मोटर बंद कर दे, पर तुझे तो सुकून चाहिए था ना?" आर्यन (हड़बड़ा कर): "मम्मी! वो... मेरा कान का पर्दा थोड़ा जाम हो गया था, आवाज़ नहीं आई!" मम्मी: "अभी तेरा पर्दा खोलती हूँ रुक!" मम्मी ने निशाना साधा और 'सड़ाक' से पहली चप्पल आर्यन की पीठ पर! आर्यन बंदर की तरह उछल कर बेड के कोने में जा लगा। आर्यन: "ओह मम्मी! मर गया! बबलू बचा भाई, अपनी जान की कसम बचा ले!" बबलू (सोफे पर चढ़कर ताली बजाने लगा): "वाह आंटी! क्या निशाना है! एकदम ओलंपिक गोल्ड मेडल वाला! मारो आंटी मारो, ये अभी 'सुकून' मांग रहा था, इसे पूरा शांति पुरस्कार दे दो आज!" तभी कमरे के कोने से लकी अपना मोबाइल ऊपर उठाता है। लकी: "हेलो फ्रेंड्स! वेलकम टू माय लाइव ब्लॉग। आज हम आपको दिखाएंगे 'पागल आशिक' का असली रूप। देखिए कैसे हमारा शेर आज भीगी बिल्ली बना हुआ है!" आर्यन (भागते हुए): "अबे ओ लकी! फोन नीचे रख! मेरी इज़्ज़त का कबाड़ा हो रहा है।" लकी (मजे लेते हुए): "इज़्ज़त? भाई, वो तो मम्मी की चप्पल के साथ ही खिड़की से बाहर कूद गई! रुक जा, हिल मत। मम्मी, एक बार वो बेलन वाला सीन फिर से करना, स्लो-मोशन में बहुत बढ़िया आएगा! और हाँ आर्यन भाई, ये वीडियो मैं अभी के अभी रिया को व्हाट्सएप कर रहा हूँ। उसे भी तो पता चले कि उसका हीरो घर में कैसे चूहा बनकर भागता है!" आर्यन (मम्मी के पैरों में गिरते हुए): "मम्मी! अब बस करो! चाहे जितनी कुटाई कर लो, पर इस लकी से मेरा फोन छीन लो, वरना रिया मुझे ब्लॉक कर देगी!" मम्मी हँसते हुए बेलन नीचे रख देती हैं, पर तभी आर्यन के फोन की रिंगटोन बजती है— 'रिया कॉलिंग'। आर्यन कांपते हाथों से फोन उठाता है। आर्यन: "ह...हेलो रिया?" रिया (दूसरी तरफ से ज़ोर-ज़ोर से हँसते हुए): "हेलो! ओ मेरे 'पागल आशिक', ज़रा ये तो बताओ कि मम्मी का वो बेलन वाला 'स्लो-मोशन' सीन असली था या तुम कोई नई फिल्म की शूटिंग कर रहे थे? लकी ने वीडियो भेज दिया है। अगली बार जब मिलने आओ, तो हेलमेट पहनकर आना, कहीं मम्मी का चप्पल दोबारा रास्ता न भटक जाए! हा हा हा!" आर्यन ने सर पकड़ लिया, लकी और बबलू कमरे में लोट-पोट होकर हँस रहे थे, और आर्यन बस यही सोच रहा था कि— "ये कैसा सुकून है भाई!" सुखविंदर, यह कहानी अब एकदम परफेक्ट है। 41वीं कहानी के रूप में इसे अपलोड करने के लिए आप इसे कॉपी कर सकते हैं। क्या आप चाहते हैं कि मैं इसके लिए एक छोटा सा डिस्क्लेमर या संदेश लिखूँ कि यह कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है?
