एक सीख

एक सीख

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कई बार देखा था उसको आठ नौ बच्चों को रिक्शे में लिए घूमते। एक दिन मौका लगा तो उत्सुकतावश बातचीत करने लगी.... 


"भाई तुम रहते कहाँ हो?"


"दीदी, आपके घर के पीछे वाली बस्ती में"


"तुम मुझे पहचानते हो?"


"हां दीदी शाम को बरामदे में बैठे हुए देखा है कई बार "


"एक बात बताओ इतने बच्चों को कैसे पालते हो रिक्शा चला कर?"


"दीदी वो सब तो अनाथ आश्रम में रहते है। मैं तो उन्हें शाम को पार्क में ले जाता हूं जहां मुफ्त में बच्चों बड़ो सब को पढ़ाया जाता है। इसी बहाने मैं भी कुछ सीख लेता हूं और सोचता हूं ये भी समय रहते थोड़ा पढ़ लिख लें ताकि मेरी तरह इनको रिक्शा ना चलाना पड़े।



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