एक किस्सा अधूरा सा -2
एक किस्सा अधूरा सा -2
अल्फिया की नज़रें किताब से उठी तो उसने देखा की हर्षित बस एकटक उसे देखे जा रहा था। किताब पढ़ते- पढ़ते उसे होश ही नहीं रहा की हर्षित जाने कितनी देर से उसे ऐसे ही देख रहा था। हर्षित ने जैसे ही उसके गाल पर आये आँसू को पोछने के लिए हाथ बढ़ाया तो उसकी नींद खुल गयी।
अल्फिया उठकर बैठ गयी और खिड़की के बहार खुले आसमान की तरफ देखने लगी। आज पूरे तीन महीने बीत चुके है। अल्फिया न सिर्फ वो शहर बल्कि वो देश भी छोड़ आयी लेकिन, हर्षित, उसकी आँखें और उनके बीच का वो ठरहा हुआ पल उसका पीछा छोड़ते ही नहीं। खैर अल्फिया इन बातों से ध्यान हटाते हुए बिस्तर से उतरी और जल्दी जल्दी तैयार होने लगी। अल्फिया इंडियन थिएटर ऑफ़ न्यूयोर्क नाम के एक ग्रुप का हिस्सा है। विदेश के इस कोने में भी कुछ लोग है जो हिंदुस्तान को जिन्दा रखे है। अल्फिया ग्रुप की लेखिका है पर वह छोटे मोटे पात्र भी निभा लेती है।
आज अल्फिया को निर्देशक के साथ ग्रुप के लिए नए मुख्य अभिनेता के लिए ऑडिशन करना है। साथ ही उन्हें बैकस्टेज काम करने के लिए एक असिस्टेंट की भी जरूरत थी। जब अल्फिया स्टूडियो पहुँची तो कुछ 20-25 लोग आये थे। ऑडिशन के लिए आये एक लड़के का अभिनय सभी को बहुत पसंद आया था। जब अल्फिया उस लड़के आश्विन को यह बताने गयी तो वह बहुत जयादा खुश नहीं हुआ। पूछने पर उसने बताया की वह अकेले काम नहीं करना चाहता। उसका एक दोस्त भी वही असिस्टेंट वाली नौकरी के लिए इंटरव्यू के लिए आया है। अगर उसकी नौकरी लग गयी तो ही वह वह काम करेगा।
एक मिनट सोचने के बाद उसने कहा की तुम्हारी और तुम्हारे दोस्त दोनों की नौकरी पक्की। मैं एक बार निर्देशक से बात करके आती हूँ। जब अल्फिया ने निर्देशक को यह बात बताई तो उन्होंने कुछ संकोच किया। उन्हें तो यह भी नहीं पता था की उस लड़के को काम आता भी था या नहीं तो भला वे उसे नौकरी कैसे दे सकते है। इस पर अल्फिया ने कहा की उन्हें आश्विन से अच्छा अभिनेता नहीं मिलेगा और रही बात उस लड़के की तो अगर उसे काम नहीं भी आता हो तो मैं सारा काम संभाल लूंगी। अल्फिया की ये बात सुकर निर्देशक ने भी हामी भर दी।
सबकी हामी के बाद जब अल्फिया बाहर आश्विन और उसके दोस्त को ये बात बताने गयी तो आश्विन अपने दोस्त के साथ खड़ा बाते कर रहा था। उसके दोस्त की पीठ अल्फिया की तरफ थी। जब वह नजदीक गयी तो अश्विन ने अपने दोस्त से कहा इनसे मिलो ये हमारी राइटर है अल्फिया। जैसे ही वह लड़का मुड़ा तो उसे देखकर अल्फिया भौंचक्की रह गयी।

