STORYMIRROR

Sangita Tripathi

Drama

2  

Sangita Tripathi

Drama

दिनचर्या

दिनचर्या

1 min
140

सुबह नींद खुली अलार्म से। उठने का मन नहीं कर रहा था।

पर कामों की याद ने बिस्तर से उठने को मजबूर कर दिया। फिर वही दिनचर्या । सफाई, बर्तन धोने , नाश्ता -खाना बनाने से लेकर कपड़े धोने तक का रूटीनी कामों की श्रृंखला। खत्म ही नहीं होती। रात नौ बजे डिनर खत्म होने के बाद राहत होती हैं ।

बालकनी में सुबह -शाम की चाय पी कर ही तरोताजा हो जाते हैं। पहले समय की कमी से मैं अकेले ही बालकनी में चाय पीती थी । सड़क पर कोई भी गुजरता तो बालकनी में डटे चेहरे उचक कर देखते। जिनको घर में काम नहीं है वो लोग बालकनी में दिन भर डटे रहते हैं। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi story from Drama