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Sonia Goyal

Inspirational

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Sonia Goyal

Inspirational

धन्यवाद मां

धन्यवाद मां

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प्यारी मां,

पहली बार तुम्हें खत लिख रही हूं। तुमसे कभी ये बातें नहीं कीं, लेकिन आज अपना पूरा दिल तुम्हारे सामने खोल कर रखने को मन कर रहा है। तुम्हारे लिए अपने एहसासों को शब्दों में पिरोना मुश्किल है मां, लेकिन फिर भी ये कोशिश कर रही हूं। भला कोई मां को कभी शब्दों में सीमित कर पाया है? इसलिए मैं तुम्हें सीमित नहीं, बल्कि अपने एहसासों को एक बार कैद करने के लिए ये खत लिख रही हूं।

मैंने जिंदगी में कभी रुक कर, मुस्कुरा कर तुम्हें शुक्रिया नहीं कहा इसके लिए मुझे माफ कर देना। इसलिए आज इस खत की शुरुआत तुम्हें शुक्रिया बोल कर कर रही हूं। शुक्रिया की तुम हो। तुम हो तो मैं हूं। मेरे वजूद का कारण होने और मेरी जिंदगी को मतलब देने के लिए शुक्रिया मां। ऐसा मत समझना कि शुक्रिया बोल कर तुम्हारे प्यार को लौटा रही हूं। तुम्हारा प्यार तो मेरी जिंदगी है, उसे कैसे लौटा सकती हूं भला।

 

जब भी मैं किसी बच्चे को उसकी मां से लिपटा देखती हूं या सड़क पर नन्हीं उंगलियों का अपनी मां के हाथों में भरोसा देखती हूं तो बस मन करता है कि तुम्हारी गोद में आकर बिखर जाऊं, जैसा बचपन में करती थी। मैं जानती हूं तुम्हारा मन भी करता होगा। बचपन ही सुहाना था जब तुम मेरे सो जाने के बाद भी मुझे अपनी गोद में ले खाना खिलाती थी।

 

तुमने जितना मुझे लाड किया मैंने उतना तुम्हें परेशान किया है। खाने में नखरे, पढ़ाई से ज्यादा टीवी देखना, लेकिन तुमने मेरे सारे नखरे झेले हैं, ना जानें कैसे? मैं जब भी चिढ़ जाती हूं अपने आस-पास की बेमतलब चीजों से तो सोच में पड़ जाती हूं कि कैसे तुम्हारे अंदर इतना सब्र है? तुम्हें देखकर मुझे कभी-कभी अचंभा होता है कि कैसे तुम बिना थके इतना सब कर लेती हो हर रोज? कैसे तुम रेलगाड़ी की तरह सरपट दिन भर घर में दौड़ती रहती हो? सबकी पसंद का ख्याल खुद से आगे कैसे रख लेती हो मां?

 

तुम मेरी पहली गुरु हो। तुम्हारी दी शिक्षा हमेशा स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाई जाने वाली बातों से गहरी रही। मेरे ज्ञान की तलाश जरूर उन्होंने पूरी की हो लेकिन वो तुम हो जिसने मुझे एक अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित किया। इस दुनिया में जीने के लिए सही मायनों में तुमने मुझे तैयार किया है।

 

तुम हमेशा मेरे लिए खड़ी रही। मेरे हर फैसले में मेरा साथ दिया। मेरी हर खुशी के लिए तुम लड़ीं। तुमने जिंदगी के हर कदम पर मुझे संभाला है। जब-जब मेरे हौसले टूटे, जब-जब मैं लड़खड़ाई, तुमने अपने प्यार और फटकार से मुझे कभी ना हारने की हिम्मत दी। तुम्हारी फिक्र ने कभी मेरे फैसलों पर सवाल भी उठाए पर फिर भी तुम मेरे फैसलों के साथ खड़ी रही। मेरे लिए तुम्हारा प्यार और मुझपर तुम्हारा भरोसा उन पर हावी रहा। ना जानें कितनी बार मैंने तुम्हें परेशान किया है, तुम्हें रुलाया है। उन सभी कारणों के लिए माफ करना।

 

आखिर में तुम्हें बस फिर एक बार शुक्रिया कहूंगी। सबसे ज्यादा मुझे प्यार करने के लिए शुक्रिया। मेरी जिंदगी में चट्टान बन तुमने मुझे हर तकलीफ से बचाया है, उसके लिए शुक्रिया। मैंने पूरा तुम्हारी तरह बनने की कोशिश की है, फिर चाहे वो तुम्हारे जैसी दुनिया की सबसे लाजवाब चाय बनाना हो या तुमसा मजबूत बनना। मेरी ये कोशिश ताउम्र जारी रहेगी...

तुम्हारी नासमझ बेटी,

सोनिया।



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