Vijaykant Verma

Inspirational


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Vijaykant Verma

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डिअर डायरी 09/04/2020

डिअर डायरी 09/04/2020

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लोग लॉकडाउन से परेशान क्यों हैं..? कोई भूख से परेशान है, समझ में आता है। कोई पैसे से परेशान है, समझ में आता है। लेकिन कोई लॉकडाउन से परेशान है, यह बात मेरे समझ में नहीं आती..! आप कहेंगे, कि आप बोर हो रहे हैं घर में बैठे बैठे..! तो क्यों बोर हो रहे हैं जनाब..?

क्या सिर्फ एक कमरे का मकान है आपका..? कुछ तो जगह होगी ही घर में..! तो थोड़ा घर में ही टहल लीजिए। एक कमरे से दूसरे कमरे में। या छत पर मॉर्निंग वॉक करें। अगर आप के छत पर गौरैया आती हो, तो उन्हें दाना दें। और देखें, कि कितना खूबसूरत लगता है, जब कोई गोरेया आपके दिए दानों को चुगती है..!

अगर आप बुजुर्ग हैं, और पुराने गानों के शौकीन हैं, तो पुराने गाने सुनिए मोबाइल में। या टीवी में कोई सीरियल देखिए। रामायण देखिए। महाभारत देखिए।अगर आप बच्चे हैं, तो शक्तिमान देखिए। कार्टून देखिए। और भी बहुत से अच्छे अच्छे सीरियल आते हैं टीवी में। उन्हें देखिए। लेकिन मोबाइल में गेम खेलने से ज़रूर बचें। ये आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह है।

एक बात और आप लोगों से शेयर करना चाहूंगा। हर इंसान की कोई न कोई आदत होती है। अगर खेलने में आपको मन लगता है, तो आप ताश खेल सकते हैं। कैरम खेल सकते हैं। लूडो खेल सकते हैं। शतरंज खेल सकते हैं। और ये खेल हर उम्र के लोग खेल सकते हैं।10 साल से बच्चे भी खेल सकते हैं। और 80 साल के बुजुर्ग भी खेल सकते हैं। क्योंकि ये ऐसे खेल है, जिनसे कभी मन नहीं भरता।

कुछ लोगों को पेंटिंग का शौक होता है। और यह शौक ऐसा होता है, कि कब सुबह से शाम हो जाती है, पता ही नहीं चलता। और खाने-पीने की भी सुध नहीं होती..! तो लीजिए, पूरा दिन बीत गया न..! अब लॉकडाउन 21 दिन का हो या 41 दिन का, ढेर सारी पेंटिंग आप बना सकते हैं। अपने घरों में सजा सकते हैं। और बाद में इन्हें बेचकर पैसा भी कमा सकते हैं।

अगर आप लेखक हैं, तो आपके दिमाग में बहुत से नए-नए आईडियाज़ आते होंगे। तो कोई नई रचना लिखिए। कोई अधूरा उपन्यास हो, तो उसे पूरा कीजिए। फिर देखिए, कब सुबह से शाम, शाम से रात और रात से फिर सुबह हो जाती है। सच, आपको पता ही नहीं लगेगा..!

अगर आपको बोलने, बात करने की आदत है, तो घर में आपके भाई बहन मम्मी पापा तो होंगे ही। तो खूब बातें कीजिए और खूब इंजॉय कीजिए। आप क्या बातें करेंगे, इस विषय में तो कुछ भी कहना मुश्किल है। क्योंकि आपकी अटपटी चटपटी और उलजुलूल बातों में भी अक्सर खूब मजा आता है..!

अगर आपको खाना बनाने का शौक है, तो इन छुट्टियों में रोज नए-नए व्यंजन बनाएं। खुद भी खाएं और परिवार में सब को खिलाएं। ढेर सारी तारीफ बटरें। हंसते मुस्कुराते रहें। और सब को खुश रखें. ।

दोस्तों, अगर आप पॉजिटिव सोचेंगे, तो आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कान रहेगी और आपकी इस मुस्कान को कोई छीन नहीं सकता, यह हमारा दावा है।

तो दोस्तों। हमारा तो यही करना है आप सबसे, कि इस लॉकडाउन के समय में~

सदा हंसते मुस्कुराते रहिए, प्यार सभी से करते रहिए..!

जिंदगी ये चार दिन की है ,कभी किसी को दुख न दीजिये..!!


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