चाहत रूप नहीं, गुण से
चाहत रूप नहीं, गुण से
हर इंसान की आदत होती है, सबसे पहले लोगों को शक्ल से जज करते हैं कि वह कैसा है, और हमेशा सुंदरता को प्राथमिकता देते हैं।
यह इंसानी फितरत है,अगर कोई उनकी आशा के अनुरूप न हो तो तरह-तरह की बातें सोचते हैं।
ऐसा ही कुछ उनके साथ हुआ और बाद में सब की सोच बदल गई।
एक सच्ची कहानी
ऑफिसर्स कॉलोनी में नए अधिकारी आए हैं।
आज उनके मान में पार्टी रखी गई है।
उस कॉलोनी का रिवाज है कि जब भी कोई नया ऑफिसर आता है, तो उसके मान में पार्टी दी जाती है।
ताकि लोगों से पहचान हो जाए।
और आने वाले को अनजाना ना लगे।
दोनों जने तैयार होकर के पार्टी में जाते हैं ।
अंदर घुसते ही लोगों की उनको देख कर के एक दूसरे से कानाफूसी चालू हो जाती है।
अरे यह ऑफिसर तो कितने अच्छे स्मार्ट है, इतने लंबे इतने गोरे इतने स्मार्ट और इनकी बीवी हाइट में इनसे कम है ।
सांवला कलर थोड़ी मोटी सी।
हां कपड़े जरूर अच्छे पहन रखे हैं।
मगर इतने इतने स्मार्ट इंसान की इतनी सावली सी साधारण सी दिखने वाली पत्नी कैसे हो सकती है।
जरूर इन्होंने दहेज ले के शादी करी होगी।
और आपस में सब धीरे-धीरे धीरे-धीरे फुसफुसाहट होने लगती है।
थोड़ी देर बाद पार्टी का प्रोग्राम चालू होता है।
सबसे पहले एक दूसरे का परिचय।
वे अपना परिचय देते हैं ।
और अपनी पत्नी की बहुत तारीफ करते हैं।
और बोलते हैं मैं आज जो कुछ भी हूं उसके कारण ही हूं ,
और बताते हैं कि हमने प्रेम विवाह किया है।
तो लोग सब आश्चर्य से देखने लगते हैं। उनकी मान्यताओं पर पानी फिरने लगा
थोड़ी देर बाद में प्रोग्राम शुरू हुआ। गाना गाने से चालू हुआ।
सब ने अपनी अपनी तरह से गाने गाए। उनसे भी फरमाइश करी गई। उन्होंने बहुत अच्छा गाना और हारमोनियम बजाया।
सब काफी इंप्रेस हो गए।
फिर सब लेडीज इकट्ठा होकर के बातें करने लगे।
सब के अलग-अलग ग्रुप बन गए। कोई तो उनकी साड़ी के लिए पूछते हैं। यह कढ़ाई तो बड़ी सुंदर है।
तो वह बोलती है यह तो मैंने कशीदा निकाला है। हैंडमेड है ।
और भी बहुत बातें होती हैं।
फिर पढ़ाई पर बात आती है।
सब अपनी अपनी बढ़-चढ़कर के पढ़ाई के बारे में बता रहे होते हैं। उससे पूछते हैं तो वह बताती है कि वह पीएचडी है इंग्लिश लिटरेचर में। एकदम सब आश्चर्य से देखने लगते हैं। फिर वह बताती है कि हमारी वहां दोस्ती हो गई थी।
और वही से हम ने शादी का फैसला करा। और शादी कर ली।
सब बोलते हैं आपकी दोस्ती मेंआपका यह सांवला रंग और कद आपके आड़े नहीं आया।
वह बोलती है नहीं ।
इतने में उसके पति वहां जाते हैं।
और वह बताते हैं कि आप भी अगर इनके साथ में 2 दिन रहेंगे तो आपको भी इनसे प्यार हो जाएगा।
इतना अच्छा इनका स्वभाव है।
और इतने अच्छे इनके गुण हैं।
मैंने तो इसके गुण देख कर के ही इस से दोस्ती करी ,और धीरे-धीरे हमें प्यार हो गया ।
घरवालों को सांवली बहू पसंद नहीं थी।
मगर हमने उनके विरुद्ध में जाकर शादी करी।
और आज इनके गुणों के कारण यह सबकी चहेती हैं।
बच्चों को पढ़ाने में भी बहुत होशियार हैं।
खाना बनाने में भी तरह-तरह का नया नया सब सिखाने में।
ड्रेस डिजाइनिंग में, जो काम करना है करवा लो ।
गाना वाना तो आपने सुन ही लिया है।
कभी आप हमारे घर आइए आप थोड़े दिन साथ रहिए तो आप को सब पता लग जाएगा, कि ऊपर से देख कर के किसी भी इंसान को जज करना सही नहीं है।
इस सांवले रंग में बहुत गुण छिपे हैं। जिसने हमको इनका दीवाना बना दिया है ।
हमारी शादी को 6 महीने हुए हैं।
6 महीने में हमारा पूरा परिवार इनका दीवाना हो गया है ।
पार्टी में जो जो लोग आए थे यह सभी लेडीस और जेंट्स सब जोर-जोर से तालियां बजाने लगते हैं।
यह वही लोग थे जो थोड़ी देर पहले गॉसिप कर रहे थे कि कहीं दहेज से शादी करी होगी।
बहुत दहेज वाले बहुत पैसे वाले होंगे और यह सारी बातें इन लोगों ने सुन के नजरअंदाज करी थी।
फिर भी ऑफिसर बताता है कि यह मेरे गुरु जी की लड़की है ।
जो एक बहुत ईमानदार प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर हैं ।
आप लोग जो बोल रहे थे कि दहेज लेकर शादी करी होगी ऐसा कुछ नहीं है ।
मेरी आप लोगों से हाथ जोड़कर प्रार्थना है ,कभी भी किसी को खाली ऊपरी शक्ल देख कर के उसके प्रति अपना नजरिया ना बांधो।
और उसके लिए हर कुछ ना बोलो, नहीं तो सामने वाले को बुरा लग सकता है और सच्चाई सामने आने पर आप लोगों की इंसल्ट भी हो सकती है ।
इसलिए किसी को रंग से ना नापे उसके गुणों से पहचाने। यह जरूर है कि पहला रंग ही नजर आता है।
मगर भगवान श्रीकृष्ण भी तो काले थे ।
काली माता का रंग भी तो काला था।
यह तो सब पूजे जाते हैं।
तोहर काले रंग वाला क्या गुण वाला नहीं होता ।
जो भी हो आज पार्टी में बहुत मजा आया। बहुत-बहुत धन्यवाद।
आपने हमको इस पार्टी में बुलाया और सबसे पहचान करवाई।
अब आप लोग हमारे यहां आइए और हमारी मेहमान नवाजी का मजा लीजिए।
और फिर सब अपने अपने घर चले जाते हैं ।
वह अधिकारी बड़े प्यार से अपनी पत्नी को गले लगाता है ,और बोलता है लोगों की बातों पर मत जाओ।
लोगों का काम है कहना ।
छोड़ो बेकार की बातों को।
अपने आप में मस्त रहो ।
कल यह भी तुम्हारी मस्ती में शामिल होंगे और तुम्हारे रंग को नहीं तुम्हारी गुणों को पसंद करेंगे।
