भुतहा बस (भाग 4)
भुतहा बस (भाग 4)
रोहन और संगीता भागने की कोशिश करते हैं पर जैसे उनके पैरो को किसी ने पकड़ लिया हो वह आगे ही नहीं बढ़ रहे थे।
संगीता चीख कर कहती है, "अरे ये हमारे पैर काम क्यों नहीं कर रहें हैं।
रोहन कहता है, " ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने चिपका दिया है, यार हम लोग तो बुरी तरह से भूतों के बीच फंस गए हैं।
संगीता धीरे से कहती है, " रोहन ये भूत जरूर हैं पर बुरे नहीं हैं, ये हमारा कोई नुकसान तो नहीं कर रहे हैं, अब हमें इनसे हो रिक्वेस्ट करना होगा, तभी शायद यह हमें छोड़ देंगे।"
रोहन कहता है, " ये हमारी रिक्वेस्ट क्यों मानेंगे।"
संगीता कहती हैं, " मैने सुना है, भूतो की भी जरूरते होती हैं अगर हम उसे फूल फिल करने का प्रॉमिस करे तो वह हमारी हेल्प कर सकते हैं।"
रोहन कहता है, " अब हम इनकी जरुरते कैसे जानेंगे।"
संगीता कहती है " रुको मैं अभी पता करती हूँ ।"
वह अपने पास वाली सीट पर बैठे एक जोड़े से पूछती है, "भईया आप क्या चाहते हैं।"
उस आदमी की आंखें अपनी जगह छोड़ बाहर संगीता के सामने आ जाती है और उसके दांत बाहर आकर कटकटाते हुए कहते हैं, " क्या कहा बहन जी।"
संगीता के मुंह से चीख निकल जाती है तो सभी चीख पड़ते हैं, उसकी आंख और दांत सभी की ओर देखते हैं।
दांत फिर पूछता है, " इसमें चीखने की क्या बात है, मैंने तो यही पूछा की बहन जी क्या कहा।"
तभी एक हाथ आगे बढ़कर आता है, और उन आंखों को झपट कर उन्हें उछाल कर गोटियां जैसे खेलने लगता है, तो दांत किटकटा कर कहता है, " मेरी आंखें वापस करो अगर मुझे गुस्सा आ गया तो बहुत बुरा होगा।"
एक आदमी उठता हैं और जोर से एक हाथ दांत पर मारता है तो बत्तीस के बत्तीस दांत बिखर जाते हैं, वह कहता है, " ये साले सोने भी नहीं देते।"
जिसका दांत और आंखें थी वह उठा कर दांत तोड़ने वाले की गर्दन खींच कर निकाल कर कंडक्टर की ओर फेंक कर कहता है, फेंक दो इसको बाहर बहुत कमीना है मेरे सारे दांत तोड़ दिए।"
कंडक्टर उस सर को नीचे फेंक देता है तो सर तेज़ी से लुढ़कता हुआ पीछे जाता है, यह देख संगीता फिर से बेहोश हो जाती है, रोहन उसे सम्हालने लगता है, वह उसे सीट पर बिठाता है और खुद भी उसके बीच बैठकर उस भूत से कहता है, " अरे भाई साहब, आप लोग हमें डरा क्यों रहे हो, एक तो हमें फसा कर बस में चढ़ा लिया और अब हमें डरा डरा कर क्यों मरना चाहते हो।"
एक भूत अपना सर घुमा कर कहता है, "यार हम तो खुद ही डरे हुए हैं, हम किसी को क्या डराएंगे।"
रोहन आश्चर्य से उसे देखता है और कहता है, "तुम लोग डर हुए हो किस से।"
वह कहता है, "अभी तुम्हारे पीछे जो जोड़ी है, उसमें लड़की के भाई अभी आयेंगे और वह उन दोनों को खींच कर निकालेंगे और कोई उसे बचाने गया तो उसे भी मार देंगे, और बचाने ये सामने वाले जायेंगे।"
रोहन उनकी ओर देखता है तो वह जोड़ा भी था तो सुंदर और एक दूसरे में खोए थे, अचानक बस रुकती है, और नीचे चार लोग रायफल लिए खड़े थे।
वह लोग तेज़ी से ऊपर चढ़ते हैं तो कंडक्टर उनसे पूछता है, " आप लोगों को कहां जाना है, और ये हथियार लेकर अंदर नहीं जा सकते है।"
उनमें से एक आदमी कंडक्टर को गोली मारते हुए कहता है, " हरामखोर दुबारा पूछना मत।"
कंडक्टर के सीने में गोली लगता है वह कहता है, " जिंदा रहूंगा तो दुबारा पूछूंगा।"
रोहन बहुत घबरा जाता है, वह सोचता है अच्छा हुआ जो संगीता सो गई हैं वरना फिर से डर कर बेहोश हो जाती।"
वह गुंडे राइफल लेकर अंदर घुसते हैं और रोहन के पीछे वाले सीट पर बैठे जोड़े को खड़ा होने के लिए कहते है, यह जोड़ा भी बहुत सुंदर था, जोड़े की लड़की हाथ जोड़कर कहती है, " बड़े भैया हमने विवाह कर लिया है हमें माफ कर दीजिए, हम गांव छोड़ कर चले जा रहे हैं।"
उसका भाई कहता है, " हमारा नाक कटवा कर तू विवाह का मजा लेगी, इस कमीने के साथ गुलछर्रे उड़ाएगी।"
वह लड़का कहता है, " भाई साहब मैं पढ़ा लिखा लड़का हूं आप मुझे कमीना क्यों कह रहे हैं।"
दूसरा भाई कहता है, " किसी के घर की इज्जत बरबाद कर उसकी बहन बेटियों को बहका कर भागने वाले कमीने नहीं राक्षस होते है, तेरी तो बोटी बोटी काटेंगे और कुत्तों को खिलाएंगे।"
उसी समय जो आंखों की गोटी खेल रहा था, वह आंखें उसके मालिक की ओर फेंक कर कहता है, " अरे कुत्तों को मार खिलाना वरना वो आदमखोर हो जायेंगे, और तुम लोगों को भी खा जायेंगे।"
वह आदमी उसको रायफल की बट से जोर से मारता है तो उसका मुंह टूट जाता है, उस भूत की आंखें नीचे गिर कर लुढ़कने लगते हैं, तो रोहन उन आंखों को उठा कर उसके हाथ में देता है जिसके आंख निकले थे, वह अपनी आंखें लगाकर देखता है। और कहता है, " क्या भाई रोज रोज आकर क्यों परेशान करते हो, हम लोगों को आराम से तो रहने दो।"
तीसरा भाई उसको एक घुसा मारते हुए कहता है, "साले सभी को बीच में बोलने की गंदी आदत है।"
ये लोग बाते कर रहे थे, तभी वह जोड़ी इन्हें धक्के मारकर भागते हैं वह बस से उतरने लगती है, तो एक भाई उनको गोली मारता है, तो बगल वाली जोड़ी उन्हें जोर से धक्का मारते हुए कहता है " तुम लोग आदमी हो या शैतान ऐसे किसी को गोली मारते हैं।"
उसका दूसरा भाई उन दोनों को गोली मारकर कहता है " तो ऐसे मारते हैं क्या।"
दोनों के खोपड़ी पर गोली लगती है और वह दोनों तुरंत ही जगह पर मर जाते है, उनके माथे से खून का फौवारा निकल पड़ता है, कुछ खून के छींटे रोहन और संगीता पर भी पड़ता है, तो रोहन संगीता के चेहरे पर लगे खून के छींटे को साफ करने लगता है, और अपने चेहरे को भी पोंछता है।!
क्रमशः

