STORYMIRROR

Vinita Rahurikar

Tragedy

3  

Vinita Rahurikar

Tragedy

बछिया

बछिया

1 min
378

गाय ने दो बछड़ों के बाद इस बार बछिया को जन्म दिया था। घर में ख़ुशियाँ मनाई जा रही थीं। आस-पड़ोस में मिठाई बांटी गयी। बछिया बड़ी होकर दूध जो देगी। ब्याही गाय के लिए गुड़ का सीरा बनाया जा रहा था। घर भर के लोग उसकी सेवा में जुटे थे।

अंदर एक गन्दी, तंग अँधेरी कोठरी में एक दिन पहले पैदा हुई अपनी नवजात बच्ची के साथ एक जर्जर खाट पर उपेक्षित सी भूखी-प्यासी पड़ी वह सोच रही थी कि काश वह भी गाय या भैंस होती तो आज उसकी बेटी के पैदा होने पर भी घर में मिठाई बंटती और उसे खाने को गर्म सीरा तो मिलता।

उसकी आँखों से आँसू बह चले और होंठ बुदबुदाये, भगवान अगले जन्म में मुझे गाय या भैंस ही बनाना। 



Rate this content
Log in

Similar hindi story from Tragedy