बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया
बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया
नमस्ते दोस्तों आज मैं आपको एक लड़की की कहानी बता रही हूं। जो कि एक छोटे से शहर से थी। वह लड़की बहुत ही प्यारी थी। उसका नाम प्रिया था। प्रिया बचपन से ही बहुत होनहार थी। वह नृत्य, कला, संगीत में बचपन से ही बहुत अच्छी थी।
धीरे-धीरे बड़ी होने लगी। उसने सौंदर्य का काम सिखा फिर वह अपना एक छोटा सा व्यापार शुरू की, अपनी रूचि के अनुसार काम करती और जो पैसा उसे मिलता वह वह जमा करती। एक दिन प्रिया के पिताजी ने प्रिया से कहा प्रिया इन सब कामों की क्या आवश्यकता है तो उसने पिताजी से कहा पिताजी यह मैं अपनी इच्छा के अनुसार कर रही मुझे अच्छा लगता है। पिताजी ने कहा ठीक है प्रिया सबकी बहुत लाडली थी। प्रिया अब और बड़ी हो चुकी थी और सुंदर भी। एक सुंदर सा घर देखकर उसके पिता ने उसका विवाह कर दिया। वह अपने वैवाहिक जीवन में व्यस्त हो गई। वह अपने मां बाप भाई और परिवार मायके पक्ष के परिवारजनों से ना मिल पाती ना बात करती। क्योंकि ससुराल पक्ष बहुत ही अमीर था और मायका नॉर्मल था। ससुराल वालों की मांगे पूरी ही नहीं हो रही थी। प्रिया को बात-बात पर ताने मारे जाते। वह दुखी होती। पर मन कड़ा करके सब काम शांति से करती रहती।। कुछ समय बाद प्रिया ने दो प्यारे प्यारे बच्चों को जन्म दिया। वह आप बच्चों में व्यस्त हो चुकी थी। उसके जीवन में जैसे खुशी लौट आई थी वह बच्चों के संग खेलते और अपना जीवन व्यतीत कर रही थी। तभी अचानक उसके जीवन में एक घटना घटित हुई। जिसने उसके जीवन में उथल-पुथल मचा दी और उसका जीवन बहुत ही बेकार हो गया। रिया के अंदर से मानो जीने की इच्छा खत्म हो चुकी थी।
लेकिन वह बच्चों का मुंह देखती और सोचती मेरे बाद इनका कौन है यह लोग जब मेरा ध्यान नहीं रख सकते तो मेरे बच्चों का क्या रखेंगे। वह पूरा दिन काम करती जो काम मिलता वह करती और उसने यह निर्णय लिया वह मेहनत करके अपने बच्चों का लालन-पालन करेगी। और उसे अब समझ आ गया था कि बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया। कहने का तात्पर्य है कि अगर इंसान के पास पैसा नहीं है तो आप की कोई वैल्यू नहीं है आपके कपड़े अच्छे नाम आपके पास कुछ भी ना हो लेकिन अगर आपके पास धन है तो आप का महत्व सबसे ज्यादा है। जिन लोगों को एक बार पैसे का घमंड हो जाता है उनको फिर कुछ नजर नहीं आता । इसलिए बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया।।
