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अहंकार

अहंकार

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पेड़ और बेल में अच्छी दोस्ती थी दोनों एक दूसरे से खूब बात करते थे..कुछ दिनों बाद बेल ने पेड़ से ये कहना शुरू कर दिया की लोग यहाँ मेरे फूल की वज़ह से आते है. बेल रोज़ रोज़ पेड़ को भला बुरा बोलने लगी, यहाँ तक की बोल दिया की तुम्हारी पत्तियों की वज़ह से गंदगी होती है तुम्हारी सुखी लकड़ियाँ लोगो के पैर में चुबती हैं, पेड़ कुछ  नहीं बोला और ख़ामोशी से मुस्कुराता रहा, पेड़ का मुस्कराना बेल को बहुत ख़राब लगा. बेल ने सोचा की अगर ये पेड़ यहाँ से हट जाये तो लोग सिर्फ मेरे ही पास आएंगे मेरे फूल लेने के लिए और पेड़ की गंदगी से भी छुटकारा मिल जायेगा . उसने कुछ लोगो से पेड़ को कटवाने की ज़िद की . बार बार बेल के ज़िद करने से कुछ लोगो ने एक दिन पेड़ की डालियो को काट दिया ..... कुछ दिनों में तेज़ गर्मी और हवा के कारण बेल सूख कर नीचे गिर गयी और जो लोग पेड़ की डालियो को लेने के लिए आये थे उनके पैरो ने बेल को कुचल दिया


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