(1) प्रेम पिपासा, धन पिपासा
(1) प्रेम पिपासा, धन पिपासा
अशोक और आरती की जोड़ी सबसे अलग दिखती थी क्योंकि दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे ।
अशोक एक जाने माने सेठ थे और उनकी पत्नी आरती भी बड़े सेठ की बेटी थी ।
पर ..... उनका आपस का प्यार और विश्वास इतना तगड़ा था कि ....
उम्र के चौथे दशक में भी दोनों को देखकर लगता था कि उनकी अभी अभी शादी हुई है ।
हर अच्छी चीज को ग्रहण लग जाती है। अशोक जी और आरती जी के प्रेम को भी आख़िरकार नजर लग गई ।
आरती को कैंसर हो गया और अब रात दिन वह बिस्तर पर पड़ी रहती थी ।
अशोक जी ने अपनी पत्नी के उनके लिए एक सहायिका जैसी नर्स को भी रख दिया । लेकिन खुद भी काम से फुर्सत मिलते ही उनके बिस्तर के बगल में बैठ जाते । कई बार तो उनका मल मूत्र भी साफ करते और बाकी समय में अपनी पत्नी का मुंह देखते रहते ।
जिस नर्स को उन्होंने रखा था वो लगभग पैंतीस छत्तीस साल की गठिले बदन की एक तलाकशुदा औरत थी ।
विनती नाम था उसका। दिखने में बला की खूबसूरत और उसकी आंखें बड़ी ही नशीली और जादू भरी थी।
वैसे तो ठीक-ठाक थी । पर उसे देखकर लगता था कि वह किसी अच्छे घर की महिला रही होगी तब नर्स का काम क्यों करती है....?
ऐसी क्या मजबूरी है.... उसकी...?
यह बात सेठ जी को भी बहुत ही चुभती थी और वह यह सवाल विनती से पूछना चाहते थे,
लेकिन पूछ नहीं पाते थे।
कदाचित संकोच आड़े आ जाता था।
और... विनती बहुत ही सौम्य और बहुत ही शांत स्वभाव की महिला थी। इसलिए उससे कोई सवाल पूछना अपने आप में बड़ी हिम्मत का काम था।
एक बात बेहद आश्चर्य की थी कि जब से वह काम पर लगी थी ... तब से आरती सूखती जा रही थी और विनती खिलती जा रही थी।
धन,- धान्य से भरे हुए घर में के बारे में घर में सुख भोगने वाला कोई नहीं था सेठानी बीमार थी और सेठ जी उदास उनके कोई संतान थी ही नहीं। और सबको इस घर में संतान की कमी बहुत अखरती थी।
धीरे-धीरे आरती की मौत नजदीक आती जा रही थी और सेठ जी बहुत ही चिंतित थे कि घर में नर्स रखने के बावजूद भी आरती की बीमारी ठीक क्यों नहीं हो रही है...?
उन्होंने विनती को एक एजेंसी से संपर्क करके घर में काम पर रखा था।
और विनती अपना काम भी सही ढंग से कर रही थी।
फिर भी....आरती के गिरते हुए स्वास्थ्य का क्या कारण था...?
यह बात सेठ जी को परेशान किए दे रही थी।
क्रमशः
कहानी में आगे क्या हुआ...
अगले भाग में पढ़ें।
धन्यवाद
