STORYMIRROR

Sneha Rathi

Abstract

2  

Sneha Rathi

Abstract

ज़िंदगी

ज़िंदगी

1 min
120

हर दिन एक नया पन्ना है,

हर दिन एक नई शायरी है,

खुशियों की छाप लिखें, या गम के आंसू?

खुद सोच लो,

आप ही के हाथ में जिंदगी की डायरी है...


ಈ ವಿಷಯವನ್ನು ರೇಟ್ ಮಾಡಿ
ಲಾಗ್ ಇನ್ ಮಾಡಿ

Similar hindi poem from Abstract