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Sandeep Kumar

Abstract

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Sandeep Kumar

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यह तस्वीर बहुत कुछ हमें बताता है बंद मुट्ठी में कंकड़ का राज बताता है।।

यह तस्वीर बहुत कुछ हमें बताता है बंद मुट्ठी में कंकड़ का राज बताता है।।

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यह तस्वीर बहुत कुछ हमें बताता है

बंद मुट्ठी में कंकड़ का राज बताता है।


धुर्त धूमता है जो सेठ बन कर

उस धुर्त का सहमा ताज बताता है।


घन बन दौलत यौवन घमंड का

खुला खुला हुआ राज बताता है।


है नहीं पैसा तेल डालने का तो 

क्यू गाड़ी 25 लाख का लेता है।


देश हित का झांसा देकर-देकर

ये लोग अपने हित में डूब जाता है।


जनता को मुर्ख बनाने के सिवा

और कुछ नहीं सोच-समझ पाता है।


देश संकट में है, है तो है रहने दो

बस फ्रि फ्रि फ्रि फ्रि चाहता है


अच्छा सुरक्षा अच्छा क्षीक्षा, चाहता है

देश दोहन के सिवा न कुछ सोच पाता है


यह तस्वीर बहुत कुछ हमें बताता है

बंद मुट्ठी में कंकड़ का राज बताता है।


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