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ये रास्ते

ये रास्ते

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ये रास्ते अपनी मंजिल,

की ओर जाते ना थे,

विश्वास के पंख लगा,

हम मंजिल की ओर उड़ चले,

तो यही रास्ते मुस्कुराने लगे।


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