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मेरा लक्ष्य मेरे सपने

Fantasy Inspirational

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मेरा लक्ष्य मेरे सपने

Fantasy Inspirational

ये मेरे रूबरू कौन है

ये मेरे रूबरू कौन है

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ये मेरे रूबरू कौन है

है अदृश्य भी, 

साक्षात भी !

रहता है मौन भी,

करता है बात भी !

सुन लेता खामोशियां,

पढ़ लेता जज़्बात भी !

कभी कभी अपनी 

उपस्थिति और अनुपस्थिति दोनों का ही

वो करा देता है आभास भी !

वो धरा भी है ,

आकाश भी !

वही मेरी श्रद्धा है ,

वही मेरा विश्वास भी !



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