STORYMIRROR

GOPAL RAM DANSENA

Romance

2  

GOPAL RAM DANSENA

Romance

ये इन्तजार भली

ये इन्तजार भली

1 min
120

तुम्हारे आने की खबर

की कायनात पर असर

उमंगों में पल पल खलबली

ये इन्तजार ये इन्तजार भली

सवाल खुद से करता हूं

सवाल खुद कैसे जंचता हूं

मलाल पहले ये ना कर पाया

खयाल क्यों ये ना कर पाया

अब ना भूलूंगा खुद से करार करली

ये इन्तजार ये इन्तजार भली!


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance