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Dr Sushil Sharma

Romance


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Dr Sushil Sharma

Romance


ये चाँद

ये चाँद

1 min 243 1 min 243

ये जो चाँद है

तुमसे जलता है

इसलिए चुपचाप

रात को निकलता है।


ये चाँद

देख कर तुम्हें

हाथ मलता है

और चुपचाप

छत पर टहलता है।


ये चाँद

हर दिन देखता है

तुम्हें

फिर रात भर

पिघलता है।


ये चाँद

तुम्हें पाने के लिए

दिन में सोता है

और

रात भर चलता है।


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