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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Inspirational

ये बचपन

ये बचपन

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ये बचपन बड़ा ही भोला होता है

ये सादगी का बड़ा चोला होता है

पल में रूठना, पल में मान जाना,

ये बचपन बड़ा सोना होता है


कुछ यादें इसकी होती ऐसी है,

जिसके आगे जन्नत तिनके जैसी है,

ये बचपन बड़ा मस्त मौला होता है

ये बचपन बड़ा ही भोला होता है

ये जिंदगी का सबसे सुनहरा वक्त है,

ये बचपन जिंदगी का गोला होता है


काश मुझे बचपन कोई लौटा दे,

ये ज्योति-पुंज से बना शोला होता है

ये बचपन बड़ा ही भोला होता है

इसमें हर शख्स पवित्र तोला होता है

बचपन ताउम्र रखना, बच्चे बन रहो,

बचपने से बचपन जिंदा होता है

बचपन कर्म-स्वभाव से पैदा होता है

ये बचपन बड़ा ही भोला होता है

ये हमारा बड़ा ही मुंहबोला होता है



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