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Anuradha Sharma

Tragedy

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Anuradha Sharma

Tragedy

ये अपने ही भाई हैं

ये अपने ही भाई हैं

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ये भीड़ कहाँ से आयी है ?

ये आग किसने लगायी है ?

गौर से देखो, ये अपने ही भाई हैं

हाथों में पत्थर, आँखों में अंगारे,


बहकी बहकी बातें, खून ख़राबों के नज़ारे

देश के अमन चैन को किसने नज़र लगायी है ? 

गौर से देखो, ये अपने ही भाई हैं

उजड़े घर, बिलखते बच्चे,

लहूलुहान सड़कें, अख़बारों में चर्चे।


इक जूनून की रात ये बियाबान सुबह लायी है,

गौर से देखो, ये अपने ही भाई हैं।  


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