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shristi dubey

Abstract

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shristi dubey

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यादें

यादें

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वाजिब है तेरा भूल जाना चेहरा मेरा 

पर प्यार किया था मैंने , धोखा नहीं 


कफ़न नहीं जो तेरी कब्र तक जाऊँ 

पर तेरे मरने की दास्तां में कहीं मेरी याद तो नहीं। 


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