Dheerja Sharma
Inspirational
पैसे नहीं .. यादें बचाती हूँ ।।
निवेश... कर देती हूँ
रिश्ते बचाने में,
अच्छी, मीठी यादें।।
कड़वी.... वहीं ....कहीं....
फेंक आती हूँ !
वह नहीं समझेग...
ऐ अच्छी औरत
दर्जी हूँ
पत्नी और चाय
शुक्रिया सैनि...
भू स्खलन
झूठ बोलता है
अलविदा
मेरा घर
युद्ध या बुद्...
नियम है न ऐसा बनाया गया । करम कर अधर्मी छिपाया गया॥ नियम है न ऐसा बनाया गया । करम कर अधर्मी छिपाया गया॥
मगर बड़ी उससे लकीर जब, उसके बगल खिंच जाती ।। मगर बड़ी उससे लकीर जब, उसके बगल खिंच जाती ।।
अपनी उचित सीमा जो कोई भूले। पछताए जीवन भर न मिले जीवन सार।। अपनी उचित सीमा जो कोई भूले। पछताए जीवन भर न मिले जीवन सार।।
समय का रखना अब पूरा ध्यान एक पल भी बर्बाद ना कर जान। समय का रखना अब पूरा ध्यान एक पल भी बर्बाद ना कर जान।
हर एक आँसू होता मोती, भेद आँसुओं का समझो। हर एक आँसू होता मोती, भेद आँसुओं का समझो।
मातृभाषा हिन्दी, विश्व पटल पर छायी। मातृभाषा हिन्दी, विश्व पटल पर छायी।
हौसलों की ऊँची उड़ान भरना देते हैं सिखा, ऐसे ही होते हैं पिता।। हौसलों की ऊँची उड़ान भरना देते हैं सिखा, ऐसे ही होते हैं पिता।।
मिसाइल मैन की जन्म से खुश हुआ था अंबर भी उस दिन। मिसाइल मैन की जन्म से खुश हुआ था अंबर भी उस दिन।
काम आएगी ईमानदारी तुम्हारी सब्र रखो। काम आएगी ईमानदारी तुम्हारी सब्र रखो।
हमारा प्यारा भारत देश महान। हम इसके हैं संतान। हमारा प्यारा भारत देश महान। हम इसके हैं संतान।
दोनों को नतमस्तक प्रणाम, जय जवान जय किसान।। दोनों को नतमस्तक प्रणाम, जय जवान जय किसान।।
हर युग एक रामायण लिखेगा, महाभारत दोहराया जाएगा।। हर युग एक रामायण लिखेगा, महाभारत दोहराया जाएगा।।
9 मई 1866 को रत्नागिरि में जन्मे, गोपाल कृष्ण गोखले महान विचारक। 9 मई 1866 को रत्नागिरि में जन्मे, गोपाल कृष्ण गोखले महान विचारक।
जब वक्त आयेगा तो अकेली सब पर है भारी। जब वक्त आयेगा तो अकेली सब पर है भारी।
शांतनु जी के इस सौभाग्यशाली पुत्र, हम सभी मिलकर करते बार बार नमन है।। शांतनु जी के इस सौभाग्यशाली पुत्र, हम सभी मिलकर करते बार बार नमन है।।
जब से गम को हंस के मैंने पी लिया तब से हर गम लगे मीठा मुझे। जब से गम को हंस के मैंने पी लिया तब से हर गम लगे मीठा मुझे।
हरे-भरे पेड़ हैं धरा के आभूषण, इनसे ही होता पर्यावरण सन्तुलन। हरे-भरे पेड़ हैं धरा के आभूषण, इनसे ही होता पर्यावरण सन्तुलन।
मधुर और भक्तिपूर्ण, भजनों को रचकर, किया मधुर गान। मधुर और भक्तिपूर्ण, भजनों को रचकर, किया मधुर गान।
भारतीय संस्कृति जग में छायी है, नमस्ते शब्द ने जग में धूम मचायी है।। भारतीय संस्कृति जग में छायी है, नमस्ते शब्द ने जग में धूम मचायी है।।
माँ तुझे फिर क्या बताऊँ आज मैं। बोझ ढोकर थक गई हूँ आज मैं।। माँ तुझे फिर क्या बताऊँ आज मैं। बोझ ढोकर थक गई हूँ आज मैं।।