STORYMIRROR

purushottam singh

Romance

3  

purushottam singh

Romance

यादें और तुम

यादें और तुम

1 min
306

यादें सारी, सिरहाने

तस्वीर पुरानी, सिरहाने


जिस पल तू सिर्फ मेरी हो वो

ख़्वाब सारे , सिरहाने


जो तुझसे कभी कह न पाएं 

जज्बात सारे , सिरहाने


क्यों बिछड़ें हम तुम

सवाल पुराने, सिरहाने


तुझ संग अलग इक दुनिया बसायेंगे

ख्याल पुराने, सिरहाने


बिछड़ कर तुमसे तुमको जियें

एहसास सारे, सिरहाने


ज़ख्म तुमको जितने दिए,माफ़ी के

दरख़्वास्त सारे, सिरहाने


आँखें तुझको कितना रोएं

हिसाब सारे, सिरहाने


पहली मोहब्बत लिखी किताब और

गुलाब सारे ,सिरहाने।


 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance