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J P Raghuwanshi

Inspirational

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J P Raghuwanshi

Inspirational

"व्यंग्य"

"व्यंग्य"

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शोरगुल बहुत है,

शांति बहुत कम है।


खुशियां थोड़ी सी है,

चारों ओर गम है।


अजनबी से रहते हैं ,

यद्यपि एक घर में।


घर में बात होती नहीं,

मिलनसार हैं,शहर में।।


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