Gulab Jain
Action
क़ुर्बान हो गए वो, अपने वतन की ख़ातिर |
हँस-हँस के सो गए वो, अपने वतन की ख़ातिर |
उनको नमन करें हम श्रद्धा से सिर झुका कर,
हम में भी जज़्बा हो वो, अपने वतन की ख़ातिर |
मुक़ाबला मुश्...
आँखों से बयां...
हसीन लम्हें.....
भर-भर के जाम ...
धड़कनें थमीं ...
दीपक और तूफ़ा...
कितने मजबूर य...
प्रेम के फूल....
स्वप्निल-सी भ...
निबाह ख़ारों स...
विकास तो हो रहा है मानो या ना मानो सत्तर साल से अब तक जो नहीं हुआ विकास तो हो रहा है मानो या ना मानो सत्तर साल से अब तक जो नहीं हुआ
अमन और शांति का हमसे वह पैगाम हैं मांगते अमन और शांति का हमसे वह पैगाम हैं मांगते
जानता मुश्किल पाना तुम्हें पर उपाय बताओ कि कैसे ? जानता मुश्किल पाना तुम्हें पर उपाय बताओ कि कैसे ?
नमन करो उन्हें जो खुद को किये समर्पित, हमारे वीर जवानों जो देश की सच्चे सपूत। नमन करो उन्हें जो खुद को किये समर्पित, हमारे वीर जवानों जो देश की सच्चे सपूत।
हमे भी फिकर है ज़रा रूठने की गर खुश हो गये तो रंगीन होगी ! हमे भी फिकर है ज़रा रूठने की गर खुश हो गये तो रंगीन होगी !
वीरता का दिये परिचित राष्ट्र भूमि सुरक्षा में। वीरता का दिये परिचित राष्ट्र भूमि सुरक्षा में।
रखेंगे हम अपना यदि ध्यान, तब ही कर पाएंगे दूजे का कल्याण। रखेंगे हम अपना यदि ध्यान, तब ही कर पाएंगे दूजे का कल्याण।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना को जिम्मा था घायल जवानों को बचाने को फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना को जिम्मा था घायल जवानों को बचाने को
सलाम आपको जज्बे को शहीद हमारे अमर रहे। सलाम आपको जज्बे को शहीद हमारे अमर रहे।
समय की परिस्थिति का विरोध उनकी कलम अपनी जुबानी बताती है समय की परिस्थिति का विरोध उनकी कलम अपनी जुबानी बताती है
मंगल पांडेय नाम था उनका थे वे क्रांतिवीर तेज।१०। मंगल पांडेय नाम था उनका थे वे क्रांतिवीर तेज।१०।
काश यह जीवन रहते मेरी आंँखों के आगे सच हो जाए। काश यह जीवन रहते मेरी आंँखों के आगे सच हो जाए।
मान बढ़ाया खूब, जीता गोल्ड जैवलीन। मान बढ़ाया खूब, जीता गोल्ड जैवलीन।
अनुभव हमारा बढ़ता जितना जीवन में जूझते हैं, आसान जीवन जीने वाले तो मुश्किलों से डरते हैं। अनुभव हमारा बढ़ता जितना जीवन में जूझते हैं, आसान जीवन जीने वाले तो मुश्किलों से...
आदत बदलते हो तुम तुमको ही भटकना है ! आदत बदलते हो तुम तुमको ही भटकना है !
चारों ओर ये शोर कैसा है जिधर देखो उधर ही फौजों का जोर कैसा है। चारों ओर ये शोर कैसा है जिधर देखो उधर ही फौजों का जोर कैसा है।
बस यूं ही उड़ते चलो अपने पंख के सहारे, नई जिंदगी का आनंद लेने, जिंदगी को खूबसूरत बनान बस यूं ही उड़ते चलो अपने पंख के सहारे, नई जिंदगी का आनंद लेने, जिंदगी को खूब...
हूँ खड़ा मैं तान सीना। हाल मुश्किल में भी जीना। प्रण किया माँ की रक्षा का दुश्मनों का च हूँ खड़ा मैं तान सीना। हाल मुश्किल में भी जीना। प्रण किया माँ की रक्षा का दुश्...
अब वह स्वयं मुख्तार है, अपने जीवन नौका की वह खुद खेवनहार है। अब वह स्वयं मुख्तार है, अपने जीवन नौका की वह खुद खेवनहार है।
जय हिन्द का नारा लगाते भारत माँ को शीश नवाते। जय हिन्द का नारा लगाते भारत माँ को शीश नवाते।