Gulab Jain
Action
क़ुर्बान हो गए वो, अपने वतन की ख़ातिर |
हँस-हँस के सो गए वो, अपने वतन की ख़ातिर |
उनको नमन करें हम श्रद्धा से सिर झुका कर,
हम में भी जज़्बा हो वो, अपने वतन की ख़ातिर |
मुक़ाबला मुश्...
आँखों से बयां...
हसीन लम्हें.....
भर-भर के जाम ...
धड़कनें थमीं ...
दीपक और तूफ़ा...
कितने मजबूर य...
प्रेम के फूल....
स्वप्निल-सी भ...
निबाह ख़ारों स...
कोई होटल में ही जाकर अपना नाश्ता बनवाता, सोचनीय है ! धनवान कौन ? कोई होटल में ही जाकर अपना नाश्ता बनवाता, सोचनीय है ! धनवान कौन ?
भूख रे भूख कैसी तेरी दुनिया अज़ब दिखे। भूख रे भूख कैसी तेरी दुनिया अज़ब दिखे।
पलभर लेती खुद को निहार, फिर मिले ना मिले दिनभर में, पलभर लेती खुद को निहार, फिर मिले ना मिले दिनभर में,
और बड़ी नयी भी है निजीपूंजी और सार्वजनिक पूंजी के बीच उलझी उलझी। और बड़ी नयी भी है निजीपूंजी और सार्वजनिक पूंजी के बीच उलझी उलझी।
युग सैनिक ही बन कर अब तो नवनिर्माण करना है, युग सैनिक ही बन कर अब तो नवनिर्माण करना है,
बहू हूं तो क्या हुआ, दबकर कभी रहूंगी नहीं। किसी के ताने अत्याचार, बेवजह सहूंगी नहीं। बहू हूं तो क्या हुआ, दबकर कभी रहूंगी नहीं। किसी के ताने अत्याचार, बेवजह सहूंग...
भारत या भारत का आम नागरिक ! बता ज़रा, क्या पूरी तरह आत्मनिर्भर है रे ? भारत या भारत का आम नागरिक ! बता ज़रा, क्या पूरी तरह आत्मनिर्भर है रे ?
क्या है मेरी पहचान, कब तक धुंधली रहेगी, औरत ने है ये सवाल उठाया। क्या है मेरी पहचान, कब तक धुंधली रहेगी, औरत ने है ये सवाल उठाया।
नित नियत काल से टकराता बदलता थल की थाती आसमान का बादशाह। नित नियत काल से टकराता बदलता थल की थाती आसमान का बादशाह।
अब भरोसा नहीं मुझे तुझ पर क्योंकि ऐ जिंदगी, तू बेवफा है। अब भरोसा नहीं मुझे तुझ पर क्योंकि ऐ जिंदगी, तू बेवफा है।
अगर रो रहे हो मेरी वजह से तो चुप हो जाओ, कभी 'सरगम' किसी को रुलाया नहीं करती। अगर रो रहे हो मेरी वजह से तो चुप हो जाओ, कभी 'सरगम' किसी को रुलाया नहीं करती।
ज्यों शिवा की तलवार गूँजे दे शत्रु को ललकार, निडर शिवा सपूत धरा पर अवतरण हो बारंबार। ज्यों शिवा की तलवार गूँजे दे शत्रु को ललकार, निडर शिवा सपूत धरा पर अवतरण हो ब...
निष्फल धूर्तों के प्रपंच करें साकार करें मंगल सपने। निष्फल धूर्तों के प्रपंच करें साकार करें मंगल सपने।
अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं, अटल सौगंध हम खाते हैं । अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं, अटल सौगंध हम खाते हैं ।
सच वो सोने जैसा पीला मिठाई का टुकड़ा आज माँ का वो टुकड़ा मेरे लिए अनमोल था। सच वो सोने जैसा पीला मिठाई का टुकड़ा आज माँ का वो टुकड़ा मेरे लिए अनमोल था।
अब तक न कोई बच पाया है और न बच पाएगा कभी। अब तक न कोई बच पाया है और न बच पाएगा कभी।
ध्वस्त किए आतंकी केम्प सरहद पर धाक जमाई है वीर सपूतों की गाथाएं हमने तुम्हेंं सुनाई ध्वस्त किए आतंकी केम्प सरहद पर धाक जमाई है वीर सपूतों की गाथाएं हमने तु...
आदित्य वसुधा पर जीवन का आधार आदिकाल से इसे पूजता रहा है संसार। आदित्य वसुधा पर जीवन का आधार आदिकाल से इसे पूजता रहा है संसार।
छापना बंद कर दो, स्त्रियों ! कभी तुम भी तो भारत बंद कर दो। छापना बंद कर दो, स्त्रियों ! कभी तुम भी तो भारत बंद कर दो।
सेवा से मिल पायेगा, जाने न ये भटका राही, वो कैसे तुझे पाएगा, वो कैसे तुझे पायेगा।। सेवा से मिल पायेगा, जाने न ये भटका राही, वो कैसे तुझे पाएगा, वो कैसे तु...