STORYMIRROR

Premdas Vasu Surekha 'सद्कवि'

Fantasy Inspirational

3  

Premdas Vasu Surekha 'सद्कवि'

Fantasy Inspirational

वसुत्व जिन्दा है....

वसुत्व जिन्दा है....

1 min
154

जिसका वसुत्व जिन्दा है 

        वही जिन्दा रहता है ।

प्रकृति और पुरुष का जोड़ा 

        जीवन का सच्चा होता है।

आक्षेपों की दुनिया में

           कौन किसका होता है।

कितने भी लांछन लगे

            सहन ही जीवन होता है।

वो वसुत्व किस काम का

          जो सहधर्मिणी विश्वास नहीं होता ।

वो धरा धन्य किस काम की

             जो सहधर्मी विश्वास नहीं होता ।

अरे ..........

          जिसका वसुत्व जिन्दा है 

               वही जिन्दा रहता है।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy