STORYMIRROR

Meera Raikwar

Abstract

4  

Meera Raikwar

Abstract

वसंत

वसंत

1 min
198


पल्लव बीच खिले फूल

देख भंवरा वसंत राग गाये

घूम घूम कलियन के चहुंओर

बेर बेर फेरा लगाये

देख साहस भंवरा का

सुमन कली लजाये सकुंचाये

सिमट सिमट इत उत डोल जाये

आखिर भंवरा कलियन 

कपोल अधर चूम ही ले

चूम चूम कहे बेर बेर

वसंत बहार आये।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract