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Rooh Lost_Soul

Abstract Tragedy

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Rooh Lost_Soul

Abstract Tragedy

वृद्धाश्रम

वृद्धाश्रम

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जहाँ माता पिता का सम्मान ना हो,

वहाँ वृद्धाश्रम ही ज्यादा अच्छा है।


जहाँ ज़ायदाद के लिए अपनो में घमासान हो

वहाँ वृद्धाश्रम ही ज्यादा अच्छा है।


जहाँ पिता घर का चौकीदार हो

वहाँ वृद्धाश्रम ही ज्यादा अच्छा है।


जहाँ माँ को करने पड़े, घर के सारे काम ही हो,

वहाँ वृद्धाश्रम ही ज्यादा अच्छा है।


जहाँ समय से मिलता ना भोजन हो।

वहाँ वृद्धाश्रम ही ज्यादा अच्छा है।


जहाँ माँ के पहलू मे दो क्षण

बैठने का समय भी ना हो।

वहाँ वृद्धाश्रम ही ज्यादा अच्छा है।


जहाँ महीनों से टूटा माँ का चश्मा हो

वहाँ वृद्धाश्रम ही ज्यादा अच्छा है।


जहाँ मातृ पितृ की सेवा को

ही बोझ समझता हो।

वहाँ वृद्धाश्रम ही ज्यादा अच्छा है।


जहाँ होता हर पल बस अपमान ही हो

वहाँ वृद्धाश्रम ही ज्यादा अच्छा है।


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