Krishan Solanki
Tragedy
ख़ुद्दारी वफ़ा मेहनतकशी ईमान खाती है,
नई नस्ल पुरखों की फ़क़त पहचान खाती है,
ये कहकर बेटे ने बूढ़ी माँ को धमकाया,
मर क्यूँ नहीं जाती है दिन भर जान खाती है।
वक़्त
वृद्धा
स्त्री/ वृद्ध...
सावन की रुत
चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर । चीख उठी है स्वयं वेदना, देख क्रूरता के मंजर ।
जानते हैं वे जल, जंगल, जमीन खोने का दर्द। जानते हैं वे जल, जंगल, जमीन खोने का दर्द।
बस रिकार्ड बाबू हमे समझो बना कर रख दिया नई शिक्षा नीति ने शिक्षक को बाबू बना दिया। बस रिकार्ड बाबू हमे समझो बना कर रख दिया नई शिक्षा नीति ने शिक्षक को बाबू बना ...
अब पहले जैसा भी कुछ नहीं रहा बस खालीपन है आंखों में सबके और दिल में घोर सन्नाटे . अब पहले जैसा भी कुछ नहीं रहा बस खालीपन है आंखों में सबके और दिल में ...
प्यार एक तरफ हो या दो तरफ हो प्यार तो प्यार ही होता है ना प्यार एक तरफ हो या दो तरफ हो प्यार तो प्यार ही होता है ना
तुने कयूंँ न नज़र मिलाई मेरे साथ, <br>अब मै नजर कभी मिला पाउंगा नहीं। <br><br>तुने क्यूंँ न दिल मिला... तुने कयूंँ न नज़र मिलाई मेरे साथ, <br>अब मै नजर कभी मिला पाउंगा नहीं। <br><br>तु...
Kuchh yaadein hai Kuchh baatein hai Hai tau apne man mei Kyon lagta hai Kuchh yaadein hai Kuchh baatein hai Hai tau apne man mei Kyon lagta hai
हौले हौले से बढ़ते ये कदम, और इनमें बहुत सारा तेरा ग़म। हौले हौले से बढ़ते ये कदम, और इनमें बहुत सारा तेरा ग़म।
हृदय का तुमको दान दिया था, जीवन तुममें जान लिया था हृदय का तुमको दान दिया था, जीवन तुममें जान लिया था
सात दिनों के सात रंग में रंगी हुई इसकी प्रेम कहानी है। सात दिनों के सात रंग में रंगी हुई इसकी प्रेम कहानी है।
सवाल है सत्ता में बैठे हुये हुक्मरानों से, क्यों नहीं बाज आते हो फालतू बयानों से। सवाल है सत्ता में बैठे हुये हुक्मरानों से, क्यों नहीं बाज आते हो फालतू बयानों...
अब स्वतंत्र है वो तो पराश्रित मैं भी नहीं इस अर्थहीन पानी का अर्थ कुछ भी नहीं। अब स्वतंत्र है वो तो पराश्रित मैं भी नहीं इस अर्थहीन पानी का अर्थ कुछ भी नहीं...
ज़िन्दगी साथ दे बेवफा है हर कोई हाथों में हाथ दे बेवफा है हर कोई जो जिये तेरे लिए कोई ऐसा नहीं दिखने... ज़िन्दगी साथ दे बेवफा है हर कोई हाथों में हाथ दे बेवफा है हर कोई जो जिये तेरे लि...
मैंने जो कुछ भी किया दोस्तों के खातीर मैं तो हूँ उनका शागिर्द , वो होगा शातीर जिसकी खाई रोटी उससे ... मैंने जो कुछ भी किया दोस्तों के खातीर मैं तो हूँ उनका शागिर्द , वो होगा शातीर ...
देखो रेल की पटरी के किनारे बनी ये बस्तियां, है उघड़े दरवाजे औ झांकती बंद खिड़कियां। देखो रेल की पटरी के किनारे बनी ये बस्तियां, है उघड़े दरवाजे औ झांकती बंद खिड़...
आप तो सोते में भी अयोध्या धाम टहल रहे हो और मेरी हालत समझने से पल्ला झाड़ने का जुगत आप तो सोते में भी अयोध्या धाम टहल रहे हो और मेरी हालत समझने से पल्ला झाड़न...
द्रास चोटी पर विजय पर एक युद्धदृश्या - एक सजीव चित्रण द्रास चोटी पर विजय पर एक युद्धदृश्या - एक सजीव चित्रण
दूसरी कमला देवी "बेलदारी" करती है उसका पति भी वहीं "चिनाई" करता है। दूसरी कमला देवी "बेलदारी" करती है उसका पति भी वहीं "चिनाई" करता है।
इस जीवन के बाद क्या पता, कौन सी राह पर फिर कहाँ मिलें? इस जीवन के बाद क्या पता, कौन सी राह पर फिर कहाँ मिलें?
आखिर क्यों लाखों परिवार न्याय से वंचित रह जाते है। आखिर क्यों लाखों परिवार न्याय से वंचित रह जाते है।