वफ़ा हमेशा गुमनाम।
वफ़ा हमेशा गुमनाम।
वफ़ा हमेशा गुमनाम हुआ करती,
बेवफ़ाई हमेशा चर्चा में ही रहती।
अजीब रीति व रिवाज़ समाज के,
सच पर झूठ हुकूमत चला रहा है।
बेवफ़ाई से ना करना हमने जुड़ाव,
वफ़ादारी से करना हमें ही जुड़ाव।
तेरी मोहब्बत से भी ज़्यादा लगाव,
तेरे दिल से रखना सदा ही जुड़ाव।
उनकी बेवफ़ाई की वजह बन गया,
कंगन और नौलखा हार नहीं होना।
बस वफ़ादार और सच्चा दिल मेरा,
और कुमकुम लगाने के लिए बचा।
ना मिलता जीवन में जो प्रमाणपत्र,
ईमानदारी, वफ़ादारी के प्रमाणपत्र।
मेहनत व अनुशासन का प्रमाणपत्र,
देश के लिए वफ़ादारी के प्रमाणपत्र।
