Versha Gupta
Inspirational
वोट देना हैं, अपना अधिकार
ना, इससे मुकरना मेरे यार
हर एक वोट हैं, किमती
बदल सकती, ये सबकी हस्ती
राजा को बनाये ये रंक
रंक को बना सकती राजा
एक एक वोट हैं, सब पर भारी
जिता देती, ये आपकी पार्टी
२१ दिन
आजा सखी
खेले रंग और ग...
तरह तरह के रं...
पिया संग होली
होलिका दहन
ब्रज में होली
चले ब्रज धाम
फाल्गुन आयो र...
कान्हा संग हो...
जो खो दिया उसे भूल जा, जो पा लिया उसे याद रख। जो खो दिया उसे भूल जा, जो पा लिया उसे याद रख।
सवाल मैंने भी किए , न कलम लड़खड़ाई मेरी न उम्मीद ने दामन छोड़ा सवाल मैंने भी किए , न कलम लड़खड़ाई मेरी न उम्मीद ने दामन छोड़ा
अगर कोई लड़की भागी है , तो ये ज़रूरी नहीं कि संग उसके एक लड़का भी भागा होगा . अगर कोई लड़की भागी है , तो ये ज़रूरी नहीं कि संग उसके एक लड़का भी भागा होगा .
कविता लिखना पहले मेरी चाहत थी फिर वह मेरी आदत बन गई। कविता लिखना पहले मेरी चाहत थी फिर वह मेरी आदत बन गई।
वीर धन्य है धन्य धरा है, माटी है बलिदान की। वीर धन्य है धन्य धरा है, माटी है बलिदान की।
वही तो है एक आदर्श भारतवासी इंसान, जो अपनी संस्कृति पर करे अभिमान। वही तो है एक आदर्श भारतवासी इंसान, जो अपनी संस्कृति पर करे अभिमान।
तब निर्भय होकर सभी घूमते, वह ऐसा निर्णय करके आतीII तब निर्भय होकर सभी घूमते, वह ऐसा निर्णय करके आतीII
रहना नहीं देश बिराना है, ये सोच क्यों घबराना है। रहना नहीं देश बिराना है, ये सोच क्यों घबराना है।
उन आंचल भरी हो किलकारी नववर्ष की शाम ढले ,आनंद प्रबल होगा । उन आंचल भरी हो किलकारी नववर्ष की शाम ढले ,आनंद प्रबल होगा ।
मंजिल से ज्यादा सुन्दर होता है सफर हार मत मान, तू कोशिश कर। मंजिल से ज्यादा सुन्दर होता है सफर हार मत मान, तू कोशिश कर।
घर की शान हमारी है, एक बेटी सौ बेटों पर भारी है। घर की शान हमारी है, एक बेटी सौ बेटों पर भारी है।
मीठी सी मधुर सुगंध लिए यूं आया देखो साल नया गरम चादरों में सिमटा सा। मीठी सी मधुर सुगंध लिए यूं आया देखो साल नया गरम चादरों में सिमटा सा।
सम्मान सभी का हो जीवन में प्रतिष्ठा के भागीदार बनें। सम्मान सभी का हो जीवन में प्रतिष्ठा के भागीदार बनें।
हो ऐसा जहां, इस जहां से परे, जहां प्रेम के सिवा कुछ स्वीकार न हो।। हो ऐसा जहां, इस जहां से परे, जहां प्रेम के सिवा कुछ स्वीकार न हो।।
जहाँ अम्बर सी ऊंचाई है, और सागर सी गहराई है। जहाँ अम्बर सी ऊंचाई है, और सागर सी गहराई है।
सुनो.... ए मील के पत्थर अब मुझे तुम्हारी दरकार नहीं। सुनो.... ए मील के पत्थर अब मुझे तुम्हारी दरकार नहीं।
दुराचारियों-अपराधियों की जीत की अनुपम-अतुलनीय कहानी लिखे। दुराचारियों-अपराधियों की जीत की अनुपम-अतुलनीय कहानी लिखे।
मैं ज्ञाता गणित का मैं भारत हूं मैं आर्यभट, मैं पिंगला, मैं ब्रम्हगुप्त। मैं ज्ञाता गणित का मैं भारत हूं मैं आर्यभट, मैं पिंगला, मैं ब्रम्हगुप्त।
सुन मुसाफिर ये दुनिया नहीं है, किसी की सगी। सुन मुसाफिर ये दुनिया नहीं है, किसी की सगी।
घर-घर तिरंगा लहराएगा देश का गौरव गान हर दिल गाएगा। घर-घर तिरंगा लहराएगा देश का गौरव गान हर दिल गाएगा।