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writer shivi_♥

Romance Tragedy

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writer shivi_♥

Romance Tragedy

वो.....

वो.....

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वो आज भी ज़िंदा है कहीं मेरी यादों में, 

कहते हैं लोग उसे बीते अरसा सा हो गया। 

लेकिन लगता है कि कल ही तो हम साथ बैठे थे , 

किसी नए किस्से की सुरुआत कर रहे थे। 

और युँ कुछ चंद मिनटों में मानों 

पूरा किस्सा ही पलट गया हो। 

पलक झपकते ही उसे सामने पाती हुँ, 

तो कभी पल में ओझल सा हो जाता है वो। 

ना होते हुए भी अपनी मौजूदगी दर्शाता है वो। 

कभी खयाल बनकर, तो कभी याद बनकर सताता है वो 

आँसू बरसे इन आँखों से उसका बनके,

उससे पहले ही गुदगुदा जाती है हरकते उसकी। 

हर बार उन मोतियों को गिरने से पहले ही थाम लेता है वो। 

उसके पास होने का एहसास कुछ युँ सम्हाले रखा है मुझको। 

जैसे किसी बिखरे पन्नों को कोई लेखक सम्हाले रखता है।

जो जिक्र करु कभी उसका तो, अल्फाज कम पड़ जाया करते हैं। 

सुनने वाले के कान भी, बस बस की गुहार लगाते हैं।

मेरी हर बात की खबर रखता है वो। 

ना होकर भी मुझमें कहीं बसता है वो। 



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