STORYMIRROR

Kanak Agarwal

Abstract Inspirational

4  

Kanak Agarwal

Abstract Inspirational

वो रेशमी धागा

वो रेशमी धागा

1 min
190

कलाई पर सजा

वो रेशमी धागा

एक गांठ से दे जाता है

मजबूती एक पवित्र रिश्ते को


जब एक बहन अपना सारा

प्यार दुलार स्नेह सम्मान

सजाती है राखी में

तो भाई छोटा हो या बड़ा

गौरवान्वित हो


पाता है खुद को

एस संरक्षक की भूमिका में

और बन जाता है प्रहरी

बहन की खुशियों और सम्मान का।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract