STORYMIRROR

Saurya Nath

Romance Others

3  

Saurya Nath

Romance Others

वो प्यार के लम्हे

वो प्यार के लम्हे

1 min
194

 यादें तेरी दिल में बसी

 जान बस तुझे ही माना है

 किसी और को चुनूं कैसे मैं  

जहां देखूं तेरा ही साया है


मिले हम चार साल पहले

आज भी वह दिन याद है 

पहली नजर में प्यार हुआ था 

लफ्जों में बयां भी कर दिए तुमसे


शायद कुछ बातें अधूरी थी 

कुछ यादें साथ जुड़ी थी

 तुमसे मिलने की बेचैनी

 हर पल सताए यह दूरी थी


वादा जो किया था तुमसे 

उसे जरूर निभाऊंगा 

तुम बस देखते रह जाओ 

 तुमसे मिलने जरूर आऊंगा


दूर नहीं वह दिन बस 

कुछ पल का इंतजार है 

वह घड़ी अब दूर नहीं 

जब तेरे मेरे मिलने का वार है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance