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दिनेश कुमार कीर

Romance Others

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दिनेश कुमार कीर

Romance Others

वो पुराने दिन, वो सुहाने दिन

वो पुराने दिन, वो सुहाने दिन

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वो पुराने दिन, वो सुहाने दिन


जब टीवी घर आया, तो लोग किताबें पढ़ना भूल गए ।


जब कार दरवाजे पर आई, तो चलना भूल गए ।

हाथ में मोबाइल आते ही चिट्ठी लिखना भूल गए ।

जब घर में ac आया, तो ठंडी हवा के लिए पेड़ के नीचे जाना बंद कर दिया।

जब शहर में रहने लगे, तो मिट्टी की गंध को भूल गए ।


परफ्यूम की महक से लोग ताजे फूलों की महक भूल गए !

हमेशा इधर - उधर भागते लोग, रुकना भूल गए कि कैसे रुकना है ।


और अंत में जब सोशल मीडिया मिला, तो घर वाले आपस में बात करना भूल गए ... 


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