Abhishek Singh
Romance
वो पहला ऐहसास था
जब उनका दीदार था।
उनके हल्के गीले बालों का,
मुझपे क़यास था।
उनपे पीला सूट जैसे,
सुनहरी किरणों का वास था।
उनको मेरे ऐहसास का,
बिल्कुल भी ना एहसास था।
वो पहला ऐहसास था।
विश्वास
उसकी चुनरी..!
एक रात दे रहा...
वो जो ख़फ़ा ह...
समुद्र एक कवि...
मेरा कुछ सामा...
एक और दामिनी
जय जवान जय कि...
महामारी
कोरोना वारियर...
अगर खाई है कसम साथ जीने-मरने की निभानी ही पड़ेगी नहीं तो होगी बेवफाई। अगर खाई है कसम साथ जीने-मरने की निभानी ही पड़ेगी नहीं तो होगी बेवफाई।
जो प्रेम को देखने की चाह थी तेरी आंखों में। जो प्रेम को देखने की चाह थी तेरी आंखों में।
साँसों को भी मुझसे छीना है पल पल..... साँसों को भी मुझसे छीना है पल पल.....
आ जाना ये लॉक डाउन का बहाना अच्छा नहीं। आ जाना ये लॉक डाउन का बहाना अच्छा नहीं।
सुनो, आज भी फुरकत की शाम में आँखें तेरे दीदार को तरसता है। सुनो, आज भी फुरकत की शाम में आँखें तेरे दीदार को तरसता है।
मेरा छुप-छुप कर रोना काश ! मैं उसे बता पाता तो आज शायद वो मेरी होती। मेरा छुप-छुप कर रोना काश ! मैं उसे बता पाता तो आज शायद वो मेरी होती।
कभी देखा है, उजले धूप से ख़्वाब को? कभी देखा है, उजले धूप से ख़्वाब को?
सात फेरों के सात वादे सात जन्मों तक निभाते रहें यूं ही। सात फेरों के सात वादे सात जन्मों तक निभाते रहें यूं ही।
दिल को इस बहाने बहला रखा है कि तेरी तस्वीर मन में उतर गई। दिल को इस बहाने बहला रखा है कि तेरी तस्वीर मन में उतर गई।
मेरे हमनफ़स तुझसे दूर रह कर भी, तेरी नज़दीकी को... पल पल जिया है मैंने। मेरे हमनफ़स तुझसे दूर रह कर भी, तेरी नज़दीकी को... पल पल जिया है मैंने।
न कुछ छुपाते थे बेबाक बात करते थे पहली दफा ऐसा हुआ की तुम्हें देखने के बाद भी न कुछ छुपाते थे बेबाक बात करते थे पहली दफा ऐसा हुआ की तुम्हें देखने के बाद भ...
इतना दर्दो गम जो देता रहा, क्युँ उसके लिए धड़कता रहा। इतना दर्दो गम जो देता रहा, क्युँ उसके लिए धड़कता रहा।
मेरी निगाहों से हुआ जो घायल बुलाए, फुर्सत भरे फिर मुझे पल बुलाएं। मेरी निगाहों से हुआ जो घायल बुलाए, फुर्सत भरे फिर मुझे पल बुलाएं।
आए खाली हाथ थे इस जहाँ में एक दिन, पाकर तेरी मोहब्बत खुद को ज़रदार^ कर दें तो। आए खाली हाथ थे इस जहाँ में एक दिन, पाकर तेरी मोहब्बत खुद को ज़रदार^ कर दें तो...
नैनन से नैन मिले जैसे मिले कोई हमजोली, प्रेम प्रीत का खेल नहीं हृदय बात ही बोली नैनन से नैन मिले जैसे मिले कोई हमजोली, प्रेम प्रीत का खेल नहीं हृदय बात ही बो...
तू ही बता लिख दूँ क्या, ऐ ज़िंदगी। फिर से मोहब्बत, तेरी दुआओं में। तू ही बता लिख दूँ क्या, ऐ ज़िंदगी। फिर से मोहब्बत, तेरी दुआओं में।
मोहब्बत भी, काम से अपने सब भूल के इश्क़ में डूब जाऊँ, ऐसे मेरे हालात नहीं मोहब्बत भी, काम से अपने सब भूल के इश्क़ में डूब जाऊँ, ऐसे मेरे हालात नहीं
एक लम्हा जो दिल को सुकून दे जाए मैं लम्हा -लम्हा ऐसे ही बसर करूं। एक लम्हा जो दिल को सुकून दे जाए मैं लम्हा -लम्हा ऐसे ही बसर करूं।
लौट जाए वहाँ, जहाँ खुद को छोड़ आये हैं, वहाँ जहाँ से ज़िन्दगी को मोड़ लाये हैं। लौट जाए वहाँ, जहाँ खुद को छोड़ आये हैं, वहाँ जहाँ से ज़िन्दगी को मोड़ लाये हैं।
लौट जाए वहाँ जहाँ खुद को छोड़ आये हैं, वहाँ जहाँ से ज़िन्दगी को मोड़ लाये हैं। लौट जाए वहाँ जहाँ खुद को छोड़ आये हैं, वहाँ जहाँ से ज़िन्दगी को मोड़ लाये हैं।