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Sonam Kewat

Abstract

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Sonam Kewat

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वो नहीं आएगी

वो नहीं आएगी

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अरे वो छोड़कर जा रही हैं 

सिर्फ तुम्हे रुलाने के लिए 

और तुम शराब पी रहे हो 

उसी का गम भुलाने के लिए।

 

जरा तो परवाह अपनों की,

वो तो कभी आएगी ही नहीं 

परिवार को इंतजार हैं तुम्हारा 

उनके बारे में सोचा क्यों नहीं


शराब भी उसकी तरह बेवफा है 

आखिर क्यों इतना पी रहे हो 

याद नहीं करेगी तुम्हें हरगिज, 

वो जिसके लिए तुम जी रहे हो।


याद रखों जितना भुलाओगे 

उतना ही वो तुम्हें याद आएगी 

जितनी वफादारी उसे दिखाओगे 

वो उतनी ही दूर चली जाएगी 


वो आयीं तो कह रही थी कि, 

शराब को हाथ ना लगाना 

और उसके जाने के बाद

तू हुआ है शराब का दिवाना

हर जगह दिखती है नशे के बाद 

हकीकत में नजर आती नही

बस इतनी छोटी सी बात

तुझे क्यों समय में आतीं नहीं


अरे मत पी तू ये शराब

वो कभी भी नहीं आएगी

जब भी तू उसके पास जाएगा

वो तुझसे दूर चलीं जाएगी।


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