STORYMIRROR

Rohan Chaudhari

Romance

4  

Rohan Chaudhari

Romance

वो मोहब्बत ही क्या

वो मोहब्बत ही क्या

1 min
539

वो मोहब्बत ही क्या जो आपको बदल ना दे 

वो मोहब्बत ही क्या जिसके लिए आप बदलना भी ना चाहो


वो मोहब्बत ही क्या जो आपको रुला ना दे

वो मोहब्बत ही क्या जिसमे आप अपने जज़्बात व्यक्त भी ना कर सको


वो मोहब्बत ही क्या जो आपको रूठने पर मजबूर ना करे

वो मोहब्बत ही क्या जिसमे रूठने पर कोई मनाने वाला भी ना हो


वो मोहब्बत ही क्या जो आपको रात भर जागने को मजबूर ना करे

वो मोहब्बत ही क्या जिसमे रात भर बात करने के बाद सुबह फिर उनसे बात करने की बेसब्री ना हो


वो मोहब्बत ही क्या जो आपको करीब ना ले आए

वो मोहब्बत ही क्या जिसमे उनसे दूर होने पर भी उनके पास होने का एहसास ना हो


वो मोहब्बत ही क्या जो आपको वक्त बेवक्त याद ना आए

वो मोहब्बत ही क्या जिसमे हर वक्त उनके ख़यालों में खोए रहने का मन भी ना करे


वो मोहब्बत ही क्या जो आपको आसानी से मिल जाए

वो मोहब्बत ही क्या जिसे हासिल करने की लिए आप कुछ खोने को तैयार भी ना हो


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance