Read On the Go with our Latest e-Books. Click here
Read On the Go with our Latest e-Books. Click here

Rohan Chaudhari

Inspirational


3  

Rohan Chaudhari

Inspirational


माँ कभी बदलती थोड़ी है

माँ कभी बदलती थोड़ी है

1 min 461 1 min 461

मेरी ख़ुशी के लिए

वो तब भी दुनिया से लड़ जाती थी

और आज भी लड़ जाती है

माँ कभी बदलती थोड़ी है


मेरी सफलता के लिए

वो तब भी दुआएं माँगा करती थी

और आज भी माँगा करता है

माँ कभी बदलती थोड़ी है


बिना कुछ कहे मेरे दिल की बात

वो तब भी समझा करती थी

और आज भी समझा करती है

माँ कभी बदलती थोड़ी है


मुझ से कुछ गलत हो जाए तो 

वो तब भी समझाया करती थी

और आज भी समझाया करती है

माँ कभी बदलती थोड़ी है


मेरी बातों का उसे अगर बुरा लग जाए तो 

वो तब भी छुप छुप कर रोया करती थी

और आज भी छुप छुप रोया करती है

माँ कभी बदलती थोड़ी है


मैं बीमार क्या पड़ जाऊं

वो तब बभी रात भर जागा करती थी

और आज भी रात भर जागा करती है

माँ कभी बदलती थोड़ी है


बच्चे शायद बड़े होकर बदल जाए

माँ की जिम्मेदारी वह उठा न पाए

पर माँ कभी अपने बच्चों की

देखभाल करना भूलती नहीं है

क्यूंकि माँ कभी बदलती थोड़ी है।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Rohan Chaudhari

Similar hindi poem from Inspirational