विवाह
विवाह
विवाह है एक पवित्र बंधन
सात वचनों का है ये संगम
दो अजनबी को है मिलाता
या दो प्रेमियों को है जोड़ता
शुभ मुहूरत में ये पल होता
जीवनसाथी एक हमें दे जाता
हर रिश्ते से अहम वो बन जाता
ऐसा ये विवाह का संयोग होता
अगर विवाह ना किया जाता
तो जीवन साथी का साथ नहीं मिल पाता
सुख-दुख में कोई साथ नहीं निभाता
बस अकेलेपन को है कोसता।
