STORYMIRROR

Rekha gupta

Drama

3  

Rekha gupta

Drama

विवाह

विवाह

1 min
428

हाथो में मेहंदी रचे

नयनों में सपने पले

वो चली पिया के देश

खुशी और गम साथ ले।


सात फेरे और जिन्दगी भर का

एक सुखद अटूट रिश्ता नया

पिया मिलन की खुशी का एहसास

बाबुल से बिछुड़ने का दुख है भरा।


जन्मों जन्मों का ये रिश्ता

जोड़ी तो ऊपर वाला बनाता

खुशियों का अम्बार लग जाता

प्यार सौहार्द से इसे जो निभाता।


दो अजनबी दिलों का पवित्र संगम

बनता जन्म जन्म का प्यारा बंधन

नया परिवेश नए लोग सब कुछ नया नया

फिर भी ये रिश्ता दुनिया के

सब रिश्तो में प्यारा।


एक दूजे का हाथ थामकर

साथ निभाने की कसमें लेकर

दो अजनबी तन मन से करते हैं

जीवन की एक नई शुरुआत।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Drama