Sunriti Verma
Classics Inspirational Children
इस युग में अधिकतर
विष ही है
वह जो मन में है
विष ही तो है
जो कर्म में है
वह भी तो विष ही है
जो दूसरे की सहायता में है
जो कई जनों में है।
प्रकृति बाध्य...
गीत
मेघ
क्रम
व्यंजन की यह ...
कला
कविता है क्या...
विष
क्या है यह?
पुष्प
अनजाने में मैंने दो ज्योतियों को एक कांटे से छेद दिया है। अनजाने में मैंने दो ज्योतियों को एक कांटे से छेद दिया है।
पीड़ित हो वो चिल्लाता रहता चिल्लाते थे जैसे उसके सताए हुए। पीड़ित हो वो चिल्लाता रहता चिल्लाते थे जैसे उसके सताए हुए।
नारायण कवच धारण करके रक्षा कर लेनी चाहिए शरीर की। नारायण कवच धारण करके रक्षा कर लेनी चाहिए शरीर की।
मेरे अवतार का यही प्रयोजन कि पृथ्वी का भार करूँ मैं हल्का मेरे अवतार का यही प्रयोजन कि पृथ्वी का भार करूँ मैं हल्का
नारद जी के बतलाये मार्ग का फिर से अनुसरण करने लगे वो। नारद जी के बतलाये मार्ग का फिर से अनुसरण करने लगे वो।
शोक हुआ उन्हें, पिता के शव को कड़ाहे में तेल के रखवा दिया। शोक हुआ उन्हें, पिता के शव को कड़ाहे में तेल के रखवा दिया।
यहाँ पधार कर आप मुझे पत्नी के रूप में स्वीकार कीजिए यहाँ पधार कर आप मुझे पत्नी के रूप में स्वीकार कीजिए
वहीं आप वेदाध्ययन के लिए गुरुकुल में रहें, ये आपकी लीला। वहीं आप वेदाध्ययन के लिए गुरुकुल में रहें, ये आपकी लीला।
मोक्ष की भी कामना न करूं चाहता हूँ मैं बस यही। मोक्ष की भी कामना न करूं चाहता हूँ मैं बस यही।
दूसरे प्राणियों की रक्षा के लिए अपने क्षण भंगुर प्राणों को उनके लिए बलि दे देते हैं दूसरे प्राणियों की रक्षा के लिए अपने क्षण भंगुर प्राणों को उनके लिए बलि ...
संसार में कोई देवता या राजा तिरस्कार ना कर सके भक्त का मेरे संसार में कोई देवता या राजा तिरस्कार ना कर सके भक्त का मेरे
परन्तु प्रलोभन दिए जाने पर भी उन्होंने किसी वर की इच्छा नहीं की। परन्तु प्रलोभन दिए जाने पर भी उन्होंने किसी वर की इच्छा नहीं की।
विभूतिओं का संक्षिप्त वर्णन है विस्तार करो इसका जन जन में। विभूतिओं का संक्षिप्त वर्णन है विस्तार करो इसका जन जन में।
मैंने इससे छल भरी बातें की मन में छल रख धर्म उपदेश दिया मैंने इससे छल भरी बातें की मन में छल रख धर्म उपदेश दिया
सत्कार या तिरस्कार और निंदा या स्तुति इस शरीर के ही होते हैं आत्मा के ये सब होते नहीं सत्कार या तिरस्कार और निंदा या स्तुति इस शरीर के ही होते हैं आत्मा के ये स...
प्रियतम, आप कुछ दिन यहाँ रहकर मेरे साथ क्रीड़ा कीजिए प्रियतम, आप कुछ दिन यहाँ रहकर मेरे साथ क्रीड़ा कीजिए
हे उद्धव ! बृज गोकुल जाओ , ज्ञान योग उनको समझाओ। हे उद्धव ! बृज गोकुल जाओ , ज्ञान योग उनको समझाओ।
वहां तपाये हुए लोहे के गोलों से यमदूत उसको हैं दागते। वहां तपाये हुए लोहे के गोलों से यमदूत उसको हैं दागते।
कौरवों ने जब ये देखा कि गंगा जी में गिर रहा नगर, तो सब के सब घबरा गए कौरवों ने जब ये देखा कि गंगा जी में गिर रहा नगर, तो सब के सब घबरा गए
उनकी बुद्धि चक्कर में पड़ गयी कि भगवान ये क्या कह रहे उनकी बुद्धि चक्कर में पड़ गयी कि भगवान ये क्या कह रहे