Sunriti Verma
Classics Inspirational Children
इस युग में अधिकतर
विष ही है
वह जो मन में है
विष ही तो है
जो कर्म में है
वह भी तो विष ही है
जो दूसरे की सहायता में है
जो कई जनों में है।
प्रकृति बाध्य...
गीत
मेघ
क्रम
व्यंजन की यह ...
कला
कविता है क्या...
विष
क्या है यह?
पुष्प
जुग जुग जीये उसका भैया अनन्त दुआएं दे कर आई। जुग जुग जीये उसका भैया अनन्त दुआएं दे कर आई।
तृप्ति अतुल्य दुनिया से बेखबर है ये दुनिया रिश्ता जहाँ मे ये इक अमूल्य। तृप्ति अतुल्य दुनिया से बेखबर है ये दुनिया रिश्ता जहाँ मे ये इक अमूल्य।
तुम इतनी खुबसूरत हो मुझे बस आजमाने दो ! तुम इतनी खुबसूरत हो मुझे बस आजमाने दो !
जिनकी जड़ें जितनी गहरी होती है, वो पेड़ उतनी ही घनी छाँव देती है पनाह पाती जिंदगी एक-एक कर चले ... जिनकी जड़ें जितनी गहरी होती है, वो पेड़ उतनी ही घनी छाँव देती है पनाह पाती जि...
निवेदन नहीं किया घोंसला जब बनाया बया ने । निवेदन नहीं किया घोंसला जब बनाया बया ने ।
जीवन की इस आपाधापी में फिर कैसे ढूँढते खुद का ही बचपन है। जीवन की इस आपाधापी में फिर कैसे ढूँढते खुद का ही बचपन है।
भक्ति देना निज चरण की प्रभु हरदम चुनता रहूं सत्पथ सही। भक्ति देना निज चरण की प्रभु हरदम चुनता रहूं सत्पथ सही।
समझ में आ जाए जो बात लिख देता हूं सरल शब्दों में। समझ में आ जाए जो बात लिख देता हूं सरल शब्दों में।
कागज़ की कश्तियाँ थी जहाँ जहाँ प्रकाश भी मिट्टी वाला था। कागज़ की कश्तियाँ थी जहाँ जहाँ प्रकाश भी मिट्टी वाला था।
किसी के जाने से सासे नहीं रूकती जिंदगी है जो किसी तरह चल रही है। किसी के जाने से सासे नहीं रूकती जिंदगी है जो किसी तरह चल रही है।
वीर जवानों ने दिया बलिदान, तभी तो यह देश है इतना माहान। वीर जवानों ने दिया बलिदान, तभी तो यह देश है इतना माहान।
फिर क्या भरोसा फिर मिले मुझे मधुभाषी। फिर क्या भरोसा फिर मिले मुझे मधुभाषी।
चलो सबका साथ सबका विकास हो आओ रोटी के टुकड़े का ही अनुबंध करते हैं। चलो सबका साथ सबका विकास हो आओ रोटी के टुकड़े का ही अनुबंध करते हैं।
शीघ्र हृदय से पढ़ ले तू समुद्र से मेरी चाहत। शीघ्र हृदय से पढ़ ले तू समुद्र से मेरी चाहत।
वैराग्य, आत्मचिंतक बन नरहरिदास के अनुगामी हुए । वैराग्य, आत्मचिंतक बन नरहरिदास के अनुगामी हुए ।
कटाई, बुनाई के खेत-खलिहान कण-कण में स्थिरता का वास। कटाई, बुनाई के खेत-खलिहान कण-कण में स्थिरता का वास।
सर्द की रात में उसकी याद भी अलाव सी हो जाती है वो खयालों में आती है जुनूँ सी पिघल जाती है, उसकी ... सर्द की रात में उसकी याद भी अलाव सी हो जाती है वो खयालों में आती है जुनूँ सी ...
हमको दुनिया से बेगाना किस पर करें भरोसा अपने ही हो जाएं जब बेवफा। हमको दुनिया से बेगाना किस पर करें भरोसा अपने ही हो जाएं जब बेवफा।
रावण परम ज्ञानी था पर अभिमानी था। रावण परम ज्ञानी था पर अभिमानी था।
उतार-चढ़ाव के रंग-रूप बदल उम्मीद नई देकर जाता। उतार-चढ़ाव के रंग-रूप बदल उम्मीद नई देकर जाता।