Sunriti Verma
Classics Inspirational Children
इस युग में अधिकतर
विष ही है
वह जो मन में है
विष ही तो है
जो कर्म में है
वह भी तो विष ही है
जो दूसरे की सहायता में है
जो कई जनों में है।
प्रकृति बाध्य...
गीत
मेघ
क्रम
व्यंजन की यह ...
कला
कविता है क्या...
विष
क्या है यह?
पुष्प
गन्दे चश्मे से ना देखो यार ब्रा एक तन ढकने का है वस्त्र यार। गन्दे चश्मे से ना देखो यार ब्रा एक तन ढकने का है वस्त्र यार।
जामवंत ने याद दिलाया हनुमत सब बल बुद्धि समाया सौ योजन सिंधु कर पारा रामभक्त है बजरंग। जामवंत ने याद दिलाया हनुमत सब बल बुद्धि समाया सौ योजन सिंधु कर पारा रामभक्त है ...
गाजर मूली की तरह टुकड़े टुकडे कटने लगी हैं। गाजर मूली की तरह टुकड़े टुकडे कटने लगी हैं।
जिंदगी है संघर्ष भरी बस चली ही जाती है जिंदगी है संघर्ष भरी बस चली ही जाती है
एक तलवार उठी कई सर कलम कर गई। एक तलवार उठी कई सर कलम कर गई।
ऐसी ही एक रूपसी थीं, रानी पद्मावती। वो राजा गंधर्वसेन और चंपावती की, औलाद थीं। ऐसी ही एक रूपसी थीं, रानी पद्मावती। वो राजा गंधर्वसेन और चंपावती की, औ...
भटकते हुए राम लक्ष्मन,पर्वत ऋषिमुख में आए। भटकते हुए राम लक्ष्मन,पर्वत ऋषिमुख में आए।
बुरा बना कर रावण को सारे, सभी रावण हर साल जलाते हैं। बुरा बना कर रावण को सारे, सभी रावण हर साल जलाते हैं।
हे कृष्ण! उठाओ सुदर्शन, हे शिव! केश खोलो। हे कृष्ण! उठाओ सुदर्शन, हे शिव! केश खोलो।
आदि शक्ति मॉं भगवती दुर्गा भवानी का शारदीय नवरात्रि में पंचम स्वरूप स्कन्द माता। आदि शक्ति मॉं भगवती दुर्गा भवानी का शारदीय नवरात्रि में पंचम स्वरूप स्कन्द मा...
मासूम घटाओं संग धरती ने दी है ममता सारी। मासूम घटाओं संग धरती ने दी है ममता सारी।
भक्ति करुणा आभार समर्पण, ममता से ये अंबुज खिल जाये। भक्ति करुणा आभार समर्पण, ममता से ये अंबुज खिल जाये।
ध्वनि के पर्वत से निर्झर-निर्झर लहरों में झर शब्दों के शीकर। ध्वनि के पर्वत से निर्झर-निर्झर लहरों में झर शब्दों के शीकर।
एक कंकर मुझे मरने दो तुम्हारे मन की शांत झील में। एक कंकर मुझे मरने दो तुम्हारे मन की शांत झील में।
मैं पंछी खुले आसमनो का मैं खुले आसमनो मैं उड़ता जाऊँ। मैं पंछी खुले आसमनो का मैं खुले आसमनो मैं उड़ता जाऊँ।
समुंद्र मंथन से जन्मी लक्ष्मी, पति रूप में विष्णु पाएं। समुंद्र मंथन से जन्मी लक्ष्मी, पति रूप में विष्णु पाएं।
संस्कार का ध्यान रख, मंजिल की है दौड़। दौड़ लगा कर भागना,मिले लक्ष्य बेजोड़।। संस्कार का ध्यान रख, मंजिल की है दौड़। दौड़ लगा कर भागना,मिले लक्ष्य बेजोड़।...
टोका टाकीज करने वाला आज की पीढी को अखरा है। टोका टाकीज करने वाला आज की पीढी को अखरा है।
चाँद-सितारों से हुई, चुपके-चुपके बात। चंदन-चंदन हो गई, यादों वाली रात।। चाँद-सितारों से हुई, चुपके-चुपके बात। चंदन-चंदन हो गई, यादों वाली रात।।
इन धर्मों के, अलग अलग त्यौहार, लोग मनाते बढ़े चाव से, आपस में रल मिल कर। इन धर्मों के, अलग अलग त्यौहार, लोग मनाते बढ़े चाव से, आपस में रल मिल कर...