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Dr.Shree Prakash Yadav

Drama

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Dr.Shree Prakash Yadav

Drama

विकलांग

विकलांग

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हर रोज़ तुम्हें खत लिखता हूँ

एक नहीं दस दस लिखता हूँ


आधे में जीवन लिखता हूँ

आधे में विकलांगता पर लिखता हूँ


पंच परमेश्वर से शिकायत करता हूँ

कभी-कभी पंचतत्व में विलीन हो जाता हूँ


शब्दों की मायाजाल पर सोचता हूँ

विकलांग से दिव्यांग कैसे हो जाता है।


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