STORYMIRROR

Dr.Shree Prakash Yadav

Romance

3  

Dr.Shree Prakash Yadav

Romance

प्रियतमा

प्रियतमा

1 min
156


बारिश की बूंदों सा मखमली एहसास हो तुम

 अंधेरों में भी रोशनी का आभास हो तुम।

 तुम्हारे स्वर में मानो चांदनी की एहसास है

अंदाजे आवाज में गजब की खिंचाई है।

 तुम्हारे होने भर से चारों ओर हरसिंगार है

 यानी जिंदगी की फ़लसफ़ा की खान हो।

एहसासों की डोर को प्रतिपल थामे रखना,

कोरा कागज पर अपना नाम बनाए रखना।

धरा पर प्रकृति की सुंदरतम रचना हो तुम.

इस विहंगम दृष्टि की संरचना को बनाए रखना ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance