Dr.Shree Prakash Yadav
Inspirational
सड़क सुरक्षा के नियमों को मानो
जिंदगी के महत्व को जानो ।।
हेलमेट के महत्व को पहचानो
जिंदगी को बहुमूल्य मानो । ।
चालान पर अनावश्यक खींझ मत निकालो ,
परिवार के लिए अपने आप को भगवान मानो ।।
21 मार्च कवित...
अलविदा2022
चाहिए
जीवन
कविता
जीवनगत अनुभूत...
प्रियतमा
पापा
मैं फकीर हूँ
जीवन का महत्व
'जया' उड़ें रख प्रीत, निश्चिंत जीवन बीते।। 'जया' उड़ें रख प्रीत, निश्चिंत जीवन बीते।।
आकाश की ओर देखती हूँ अपने वजूद से रुबरु होती हूँ । आकाश की ओर देखती हूँ अपने वजूद से रुबरु होती हूँ ।
जनाब !! यह एक किसान का, गेंहू नहीं, सोना होता है !! जनाब !! यह एक किसान का, गेंहू नहीं, सोना होता है !!
इसलिए कहते हैं…. "जाको राखे साइयां मार सके ना कोई"। इसलिए कहते हैं…. "जाको राखे साइयां मार सके ना कोई"।
सकुन मिलता है मन के कागज पर लिखकर चीख भी लेता हूं और आवाज़ भी नहीं होती। सकुन मिलता है मन के कागज पर लिखकर चीख भी लेता हूं और आवाज़ भी नहीं हो...
बचपन मे पैसे बचाने की आदत डालने को । पापा ने लाकर दी मुझे एक प्यारी सी गुल्लक ।। बचपन मे पैसे बचाने की आदत डालने को । पापा ने लाकर दी मुझे एक प्यारी सी गुल्लक...
वह सुबह कभी तो आएगी जब हम तुम होंगे साथ साथ। वह सुबह कभी तो आएगी जब हम तुम होंगे साथ साथ।
शिक्षा और सुरक्षा हेतु ज्ञान का सृजन बालिका ओ मे बहुत जरूरी। शिक्षा और सुरक्षा हेतु ज्ञान का सृजन बालिका ओ मे बहुत जरूरी।
उलझते रिश्ते सुलझा सको तो सुलझा लो दूर जाने के बाद कोई लौट कर आता नहीं। उलझते रिश्ते सुलझा सको तो सुलझा लो दूर जाने के बाद कोई लौट कर आता नहीं।
वक्त कभी थमता नहीं वक्त कभी रुकता नहीं ! वक्त कभी थमता नहीं वक्त कभी रुकता नहीं !
ख्वाबों को पिरो कर ख्वाबों को सजो कर, एक पुस्तक बनाया है। ख्वाबों को पिरो कर ख्वाबों को सजो कर, एक पुस्तक बनाया है।
अविरल जीवन की धारा में बहते रहना है। अविरल जीवन की धारा में बहते रहना है।
बिछड़े हुए साथी फिर से मिलेंगे रूठे हुओ को मानना पड़ेगा। बिछड़े हुए साथी फिर से मिलेंगे रूठे हुओ को मानना पड़ेगा।
काफी उतार चढ़ाव है मेरे जीवन में जिंदगी कई बार मुझसे होती है नाराज़। काफी उतार चढ़ाव है मेरे जीवन में जिंदगी कई बार मुझसे होती है नाराज़।
आत्म उत्थान करने का यही है उत्तम तरीका। आत्म उत्थान करने का यही है उत्तम तरीका।
प्यार बहन भाई का कायम, रहे ये थी दरकार। प्यार बहन भाई का कायम, रहे ये थी दरकार।
माँ मीठी महक घर आँगन की टहक। माँ मीठी महक घर आँगन की टहक।
खुशी भी बहुत बड़ी दवाई है जो ना आए तो तबियत नासाज हो उठती है। खुशी भी बहुत बड़ी दवाई है जो ना आए तो तबियत नासाज हो उठती है।
जो आदमी धूप से बचता है वो न फलता है,न फूलता है। जो आदमी धूप से बचता है वो न फलता है,न फूलता है।
गुम हुआ जीवन से आनंद, करें फिर कुछ मनपसंद गुम हुआ जीवन से आनंद, करें फिर कुछ मनपसंद